गया। दक्षिण बिहार में जल संकट और सूखे की समस्या से राहत दिलाने के लिए “नदी से नदी जोड़ो आंदोलन” ने जोर पकड़ लिया है। आंदोलनकारियों का दावा है कि मात्र 40 किलोमीटर खुदाई कर सोन नदी के अतिरिक्त पानी को सोरहर नदी तक पहुंचाया जाए तो गया, नवादा और जहानाबाद समेत कई इलाकों की नदियों में सालभर पानी बह सकता है।
अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार बरसात के दौरान झारखंड के हुसैनाबाद क्षेत्र स्थित इंद्रपुरी डैम का अतिरिक्त पानी सोन नदी के जरिए बेकार बह जाता है। प्रस्तावित योजना के तहत इस अतिरिक्त पानी को कबिसा गांव के पास सोरहर नदी में डायवर्ट करने की तैयारी है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि यह योजना लागू होती है तो डुमरिया, इमामगंज और बांके बाजार जैसे क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और भूजल स्तर में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। इससे किसानों को खेती के लिए सालभर पानी उपलब्ध हो सकेगा।
इस अभियान का नेतृत्व पूर्व मुखिया अशोक सिंह कर रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार और सिंचाई विभाग से इस परियोजना को शुरू करने की मांग कर रहे हैं। उनका दावा है कि कम लागत वाली यह योजना पूरे इलाके की खेती, जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह परियोजना बिहार और झारखंड दोनों राज्यों से जुड़ी हुई है, इसलिए केंद्र सरकार के सहयोग और समन्वय की आवश्यकता होगी। लोगों ने इसे आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और क्षेत्रीय विकास से जुड़ा बड़ा अभियान बताया है।









