वाराणसी। उत्तर प्रदेश में सर्दी ने इस सीजन में अब तक का सबसे तीखा रूप दिखाया है। प्रदेश में पहली बार न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। कड़ाके की ठंड के साथ-साथ घना कोहरा लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रहा है।
राज्य के लगभग 50 जिलों में सुबह से घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में दृश्यता इतनी कम रही कि सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कोहरे के चलते हाईवे और मुख्य मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ, वहीं कई स्थानों पर सड़क हादसे भी सामने आए। अलग-अलग जिलों में हुए हादसों में कुल 9 वाहन आपस में टकरा गए, जिनमें पति-पत्नी और उनकी बेटी समेत 5 लोगों की मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज नजदीकी अस्पतालों में चल रहा है।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 से 48 घंटे तक ठंड और कोहरे से राहत के आसार कम हैं। शीतलहर का असर खासतौर पर रात और सुबह के समय अधिक रहेगा। इसे देखते हुए कई जिलों के प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, ताकि बच्चों को ठंड से बचाया जा सके।
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। शहरी और ग्रामीण इलाकों में रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई गई है और प्रमुख चौराहों, बस अड्डों व सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बुजुर्गों, बच्चों और बेसहारा लोगों का विशेष ध्यान रखा जाए।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और ठंड से बचाव के लिए जरूरी उपाय अपनाएं। मौसम की इस मार ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दे दी है।









