चंदौली। जनपद चंदौली के इतिहास में 17 जनवरी 2026 वह तारीख बनने जा रही है, जिसे आने वाली पीढ़ियां केवल एक सरकारी कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था में निर्णायक बदलाव के रूप में याद करेंगी। जिला मुख्यालय के समीप लगभग 35 बीघे के विशाल भू-भाग पर 286 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एकीकृत, अत्याधुनिक जिला न्यायालय परिसर का शिलान्यास इसी दिन प्रस्तावित है। यह परियोजना न सिर्फ चंदौली, बल्कि पूरे पूर्वांचल की न्यायिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है।
इस भव्य आयोजन को लेकर जिले में प्रशासनिक, न्यायिक और राजनीतिक हलचल चरम पर है। देश और प्रदेश की शीर्ष हस्तियों की संभावित मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को राज्यस्तरीय से राष्ट्रीय महत्व का बना दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली के आगमन की चर्चाओं ने चंदौली को देश के न्यायिक मानचित्र पर विशेष स्थान दिला दिया है।
बिखरी न्यायिक व्यवस्था से एकीकृत परिसर तक
अब तक चंदौली में न्यायिक कार्य विभिन्न भवनों और स्थानों पर संचालित होता रहा है।
- वकीलों को एक अदालत से दूसरी अदालत तक भागना पड़ता था,
- वादकारियों को जानकारी और सुविधा के लिए भटकना पड़ता था,
- न्यायिक कर्मचारियों के लिए भी समन्वय चुनौती बना रहता था।
286 करोड़ की यह परियोजना इन तमाम समस्याओं का स्थायी समाधान बनने जा रही है। नए परिसर में सभी न्यायिक इकाइयां एक ही छत के नीचे होंगी, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक तेज़, सुलभ और पारदर्शी बनेगी।
एक ही परिसर में मिलेंगी सभी आधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित हाईटेक जिला न्यायालय भवन में—
- सभी दीवानी व फौजदारी न्यायालय
- न्यायाधीशों के आधुनिक कक्ष
- अधिवक्ताओं के लिए सुव्यवस्थित चैंबर
- विशाल रिकॉर्ड रूम और डिजिटल आर्काइव
- वादकारियों के लिए आरामदायक प्रतीक्षालय
- ई-कोर्ट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल केस मैनेजमेंट
- पर्याप्त पार्किंग, कैंटीन, शौचालय
- हाई-लेवल सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था
यह भवन केवल ईंट और कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि आम आदमी को समयबद्ध न्याय दिलाने का माध्यम होगा।
सुरक्षा से लेकर सफाई तक: प्रशासन अलर्ट मोड में
शीर्ष न्यायिक और कार्यपालिका हस्तियों के आगमन को देखते हुए पूरा जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
- कलेक्ट्रेट से कार्यक्रम स्थल तक लोहे की बैरिकेडिंग
- संवेदनशील बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी
- भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और खुफिया एजेंसियों की तैनाती
- मेडिकल इमरजेंसी के लिए एंबुलेंस और विशेषज्ञ टीम
- फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन यूनिट अलर्ट
पूरा क्षेत्र अभेद्य सुरक्षा घेरे में तब्दील किया जा चुका है।
1500 सफाईकर्मी, चमकता चंदौली
इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए प्रशासन ने स्वच्छता अभियान को युद्धस्तर पर शुरू किया है।
सूत्रों के मुताबिक—
- करीब 1500 सफाईकर्मी
- कार्यक्रम स्थल, जिला मुख्यालय
- पचफेड़वां तक की मुख्य सड़कें
- संपर्क मार्ग, पार्किंग एरिया
हर कोना चमकाया जा रहा है, ताकि चंदौली व्यवस्था, स्वच्छता और अनुशासन का मॉडल बनकर उभरे।
वॉटरप्रूफ पंडाल और हाईटेक मंच
कार्यक्रम स्थल पर तैयारियां किसी राष्ट्रीय समारोह से कम नहीं हैं—
- विशाल वॉटरप्रूफ पंडाल
- भव्य और तकनीक से सुसज्जित मुख्य मंच
- साउंड, लाइट और डिजिटल स्क्रीन
- मीडिया गैलरी और वीआईपी सेक्शन
दर्जनों कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं। प्रशासन का साफ निर्देश है—
“कोई चूक नहीं, कोई लापरवाही नहीं।”
लखनऊ से आई उच्चस्तरीय टीम
गुरुवार को लखनऊ से पहुंचे प्रमुख सचिव (न्याय एवं विधि परामर्शी) उदय प्रताप सिंह और विशेष सचिव ने कार्यक्रम स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। इसके बाद हुई उच्चस्तरीय बैठक में—
- डीआईजी वैभव कृष्ण
- जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग
- एडीएम राजेश कुमार
- पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे
- वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी
घंटों तक सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और प्रोटोकॉल पर मंथन हुआ।
वकीलों में उत्साह, जनता को राहत की उम्मीद
जिले के अधिवक्ताओं में इस परियोजना को लेकर जबरदस्त उत्साह है। वर्षों पुरानी मांग अब साकार होती दिख रही है। वकीलों का कहना है—
- “यह सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान है।”
- “चंदौली अब बड़े जिलों की कतार में खड़ा होगा।”
आम जनता को उम्मीद है कि—
- मामलों की सुनवाई तेज होगी
- तारीखों की परेशानी घटेगी
- न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी
तय समयसीमा में निर्माण का लक्ष्य
सूत्रों के अनुसार शिलान्यास के तुरंत बाद निर्माण कार्य तेज़ गति से शुरू होगा। सरकार और न्यायिक प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना निर्धारित समयसीमा में पूरी हो।
चंदौली की बदली पहचान
कभी पिछड़े जिले की छवि झेलने वाला चंदौली आज—
- एक्सप्रेसवे
- मेडिकल कॉलेज
- औद्योगिक परियोजनाएं
- और अब 286 करोड़ का हाईटेक न्यायालय
के साथ विकास की मुख्यधारा में मजबूती से खड़ा नजर आ रहा है।
खबरी न्यूज़ की नजर से
यह शिलान्यास सिर्फ एक इमारत की शुरुआत नहीं,
बल्कि न्याय, व्यवस्था और भरोसे की नई बुनियाद है।
17 जनवरी 2026 को जब शिलापट्ट पर हथौड़ा चलेगा,
तो वह आवाज केवल पत्थर पर नहीं पड़ेगी—
वह आवाज होगी चंदौली के न्यायिक भविष्य की गूंज।













