चंदौली। जिले में पुलिस महकमे के भीतर अचानक हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल ने हलचल मचा दी है। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे ने बुधवार को एक झटके में 49 पुलिसकर्मियों के तबादले का आदेश जारी कर दिया, जिसके बाद पूरे विभाग में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। यह फैसला सामान्य रूटीन ट्रांसफर से अलग माना जा रहा है और इसे कानून-व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कई कर्मियों का कार्यकाल तीन वर्ष से अधिक हो चुका था। ऐसे में रोटेशन नीति के तहत व्यापक स्तर पर तबादले किए गए हैं, ताकि निष्पक्ष कार्यप्रणाली, बेहतर मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
किन-किन थानों पर पड़ा असर
तबादला सूची में सैदराजा, मुगलसराय (डीडीयू नगर), अलीनगर, चंदौली, कंदवा, सकलडीहा, शहाबगंज, धीना, धानापुर, बलुआ और इलिया सहित आधा दर्जन से अधिक थानों में तैनात पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। इससे कई थानों की कार्यशैली में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
प्रमुख तबादलों पर एक नजर
सूची के अनुसार चंदौली थाने के मुख्य आरक्षी देवेंद्र कुमार गुप्ता को इलिया भेजा गया है, जबकि श्याम कुमार यादव को लाइन हाजिर किया गया है। गौरव शुक्ला को बलुआ, जयप्रकाश को शहाबगंज और शिवशंकर बिंद को धीना भेजा गया है। राहुल को मुगलसराय तथा रामबाबू को बलुआ में तैनाती मिली है। देवेंद्र मौर्य (कारखास) को सकलडीहा भेजा गया है।
महिला सुरक्षा केंद्र सैदराजा की पूजा को अलीनगर, निरंजन को महिला थाना, सुप्रिया पटेल को सकलडीहा, अंजलि को महिला थाना तथा सुनीता यादव को मुगलसराय स्थानांतरित किया गया है। शैल कुमारी को महिला सुरक्षा केंद्र धीना, सत्य पांडेय को सैदराजा और नीलम को चंदौली भेजा गया है। रोशन देवी को बबुरी, निधि सिंह को कंदवा, विवेकानंद बघेल को शहाबगंज तथा विवेक यादव को चंदौली में तैनाती दी गई है। अभय को सैदराजा और सलमा कुरैशी को धानापुर भेजा गया है।
“कारखास” कर्मियों के तबादले से बढ़ी चर्चा
तबादला सूची में कई थानों के “कारखास” भी शामिल हैं, जिससे संकेत मिल रहा है कि विभाग आंतरिक व्यवस्था को संतुलित करने और पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर गंभीर है। हालांकि कुछ मामलों में ‘जुगाड़’ की चर्चाएं भी प्रशासनिक गलियारों में सुनाई दे रही हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है।
तबादले के पीछे बताए गए कारण
पुलिस विभाग के अनुसार यह कदम लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती समाप्त करने, निष्पक्ष कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने, बेहतर निगरानी और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से उठाया गया है। आदेश जारी होते ही संबंधित कर्मियों को तत्काल नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
जनता के लिए क्या मायने
चंदौली जैसे संवेदनशील जनपद में पुलिस की सक्रियता और पारदर्शिता का सीधा असर कानून-व्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में एक साथ हुए इस बड़े पैमाने के तबादले को प्रशासनिक सख्ती के संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।













