सुकमा। जिले में रविवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच लाख रुपये का इनामी नक्सली कमांडर मूचाकी कैलाश मारा गया। यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, जिला रिजर्व गार्ड को पोलमपल्ली क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद जवानों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान मुठभेड़ हुई, जिसमें प्लाटून नंबर 31 का सेक्शन कमांडर मूचाकी कैलाश ढेर हो गया। मौके से हथियार भी बरामद किए गए हैं।
सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि मूचाकी कैलाश कई बड़ी घटनाओं में शामिल था, जिनमें नागरिकों की हत्या, सुरक्षाबलों पर हमले और आईईडी ब्लास्ट की साजिशें शामिल हैं।
यह ऑपरेशन बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद को समाप्त करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने के लिए 31 मार्च तक की समयसीमा निर्धारित की है, जिसके तहत लगातार बड़े स्तर पर ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टालिंगम ने इसे नक्सल विचारधारा पर बड़ा प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा लंबे समय से बस्तर क्षेत्र में हिंसा और भय का कारण रही है। साथ ही उन्होंने शेष नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
आईजी ने यह भी बताया कि सुकमा और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों का भरोसा सरकार की ओर बढ़ रहा है।
फिलहाल सुरक्षा बल इलाके में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बस्तर को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाना और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना प्राथमिक लक्ष्य है। यह घटना सुकमा में सुरक्षा बलों को मिल रही लगातार सफलताओं का संकेत है, जहां हाल के वर्षों में कई इनामी नक्सली मारे गए हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं।













