चंदौली। गंगा नदी का जलस्तर इस समय लगातार बढ़ता जा रहा है और स्थिति गंभीर होती दिख रही है। शनिवार की रात गंगा बैराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद चंदौली में गंगा का पानी खतरे के निशान 71.26 मीटर को पार करते हुए रविवार सुबह 71.56 मीटर तक पहुंच गया। तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी ने तटीय गांवों में हड़कंप मचा दिया है।
गंगा के किनारे बसे मुगलसराय और सकलडीहा तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। खेत-खलिहान और घरों के आसपास की सड़कें और गलियां जलमग्न हो चुकी हैं। कई गांवों की सीमाएं पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों के लिए आवाजाही और रोजमर्रा के कामकाज में भारी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जलस्तर में वृद्धि का यह क्रम फिलहाल जारी रहेगा, जिससे आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पहले भी बाढ़ का सामना किया गया है, लेकिन इस बार पानी की रफ्तार और फैलाव कहीं अधिक तेज है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बाढ़ चौकियों पर अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है और संवेदनशील गांवों में राहत शिविरों की व्यवस्था भी की जा रही है।
एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहे हैं।

प्रशासन ने नाव, रस्सी, टॉर्च, खाने-पीने की सामग्री और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। कुछ स्थानों पर एनडीआरएफ और राजस्व विभाग की टीमें भी भेजी गई हैं ताकि आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।
स्थानीय निवासी शिवप्रसाद यादव बताते हैं,
“गांव की गलियां पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं, मवेशियों को चारा देना और घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन की टीम आकर हालात देख रही है, लेकिन मदद की गति धीमी है।”
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिजनों में चिंता बढ़ गई है। कई स्थानों पर लोग अपने घरों को छोड़कर ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं। कुछ स्कूलों और पंचायत भवनों को अस्थायी राहत केंद्र बनाया गया है।
इस बाढ़ ने न सिर्फ लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त किया है बल्कि फसलें, पशु और रोज़गार के साधन भी खतरे में पड़ गए हैं।
प्रशासन द्वारा सतर्कता और बचाव कार्यों में तेजी लाने की जरूरत है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके।
फिलहाल, गंगा का बढ़ता जलस्तर पूरे चंदौली जिले के लिए चिंता का विषय बन चुका है, और प्रशासन से लेकर आमजन तक सभी को मिलकर इस संकट का सामना करना होगा।













