वाराणसी। स्मार्ट मीटर की तेज रीडिंग और बिलिंग में लगातार आ रही गड़बड़ियों से परेशान बिजली उपभोक्ताओं को अब राहत मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रत्येक स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि बिलिंग में पारदर्शिता बनी रहे और उपभोक्ताओं को सही खपत के आधार पर बिल मिले।
हाल ही में पांच दिन तक चले मेगा कैंप में तीन हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें सबसे बड़ी समस्या बिजली बिल का अपेक्षा से अधिक आना थी। शिकायतों में यह भी सामने आया कि सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं के मीटर अधिक तेजी से रीडिंग दर्ज कर रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए गुरुवार को सीडीओ हिमांशु नागपाल ने बिजली निगम और जीएमआर स्मार्ट मीटर कंपनी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाने वाले हर उपभोक्ता के घर पहले चेक मीटर लगाया जाएगा और उसके बाद ही जीएमआर का स्मार्ट मीटर जोड़ा जाएगा। नेट मीटर की उपलब्धता वेंडर सुनिश्चित करेगा। इस प्रक्रिया से असल बिजली खपत का सही आकलन किया जा सकेगा और बिलिंग विवाद का तुरंत निस्तारण होगा।
सीडीओ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो। उन्होंने कहा कि बिजली बिलिंग की गड़बड़ियों के चलते उपभोक्ता आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से परेशान होते हैं, इसलिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करना आवश्यक है।
431 स्मार्ट मीटर फिलहाल बंद
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि जिले में इस समय 431 स्मार्ट मीटर काम नहीं कर रहे हैं। सीडीओ ने आदेश दिया कि इन्हें दो दिन के भीतर दुरुस्त किया जाए और इसकी जिम्मेदारी मुख्य अभियंता को सौंपी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि वेंडर सभी उपभोक्ताओं की नेट मीटर और बिलिंग से संबंधित शिकायतें गूगल शीट पर अपलोड करें, ताकि निगम अधिकारी उनकी रियल-टाइम निगरानी कर समय से निपटारा कर सकें।
जिले में कुल सात लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें अब तक दो लाख घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से अधिकांश मीटर जीएमआर कंपनी द्वारा लगाए गए हैं। उपभोक्ताओं की लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि अब स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर की व्यवस्था लागू होने के बाद मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
अगर आप चाहें तो मैं इसमें जनता और बिजली विभाग के प्रतिनिधियों के बयान जोड़कर इसे और अधिक पत्रकारिता शैली में विस्तार दे सकता हूं, जिससे यह अखबार में प्रमुख खबर की तरह तैयार हो जाए।













