डीडीयू नगर। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आज़ाद हुआ था। आज़ादी के इस पावन पर्व पर हम उन वीर शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और आज़ादी की लड़ाई में अपना योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। इसी अवसर पर क्षेत्र पंचायत के सभी अधिकारी-कर्मचारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, प्रधानगण, जनप्रतिनिधि और समाजसेवियों को बधाई देते हुए बाबूलाल ने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार को चाहिए कि 15 अगस्त के दिन राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश के प्रति सम्मान व्यक्त करने वाले और सीमा पर शहीद हुए जवानों तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाए।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी में देशभक्ति और एकता-अखंडता की भावना जागृत करने के लिए इन वीर शहीदों और सेनानियों के परिवारों को सम्मानजनक सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी ने ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया था, लेकिन आज उनकी संख्या तेजी से घट रही है। प्रदेश में लाखों लोग स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित हैं, किंतु आज उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
बाबूलाल ने कहा कि हम प्रतिदिन आज़ादी दिलाने वाले लोगों को याद करते हैं और उनके दिलों में अब भी देशप्रेम और एकता की भावना जीवित है। केंद्र और राज्य सरकार से मांग है कि 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर ऐसे वीर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को सम्मानजनक सुविधा देकर उनकी देश के प्रति भावना को और प्रबल किया जाए।
संवाददाता- अभिषेक राहुल सिंह









