चंदौली,। आज देशभर में जब स्वतंत्रता दिवस का उल्लास चरम पर था, उसी कड़ी में वृद्धाश्रम मधुपुर, चंदौली में भी 79वें स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री राजीव कुमार के नेतृत्व में ध्वजारोहण के साथ हुई। जैसे ही तिरंगा लहराया, पूरा वातावरण “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिंद” के नारों से गूंज उठा। राष्ट्रगान के मधुर स्वर में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में भाग लिया और देश के प्रति अपने प्रेम व सम्मान को व्यक्त किया।
ध्वजारोहण के पश्चात श्री राजीव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारे पूर्वजों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की अमूल्य याद है। यह दिन हमें यह भी सिखाता है कि हमें समाज के हर वर्ग के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए, विशेषकर उन वृद्धजनों के लिए जिन्होंने अपने जीवन का अमूल्य समय देश और समाज की सेवा में लगाया है।

इसके बाद फल एवं मिष्ठान वितरण का कार्यक्रम हुआ, जिसमें वृद्धाश्रम में रह रहे सभी वृद्ध माता-पिता को स्नेहपूर्वक फल और मिष्ठान वितरित किए गए। जैसे ही उनके हाथों में यह उपहार पहुंचा, उनके चेहरों पर प्रसन्नता और आत्मीयता की चमक देखने लायक थी। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि स्नेह और सम्मान से किसी का भी दिल जीतना संभव है।
कार्यक्रम की खास बात थी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, जिन्हें वृद्धाश्रम के कर्मचारियों और स्थानीय कलाकारों ने मिलकर प्रस्तुत किया। देशभक्ति गीतों, कविताओं और नृत्य ने सभी को भावविभोर कर दिया। “ऐ मेरे वतन के लोगों”, “कर चले हम फ़िदा” जैसे गीतों पर कई वृद्धजन की आंखें नम हो गईं।

विशेष अतिथि के रूप में सीओ चंदौली श्री देवेंद्र कुमार भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयं सभी वृद्धजनों को फल एवं मिष्ठान वितरित किए और उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि समाज में वृद्धजन अनुभव, ज्ञान और संस्कृति के प्रतीक हैं, और उनका सम्मान करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला और सभी को देश की एकता व अखंडता बनाए रखने का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर वृद्धाश्रम के संचालक श्री गिरिजेश राय, विकास सिंह, प्रबंधक अनिल यादव, संजय यादव, रवि कुमार सहित समस्त स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई और वृद्धजनों को परिवार जैसा माहौल प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम के अंत में वृद्धजनों ने भी अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर उन्हें यह महसूस कराते हैं कि वे समाज के लिए अभी भी महत्वपूर्ण और सम्माननीय हैं। अंत में सभी ने मिलकर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से माहौल देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
यह आयोजन न केवल स्वतंत्रता दिवस का उत्सव था, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि सम्मान और प्रेम से जीवन के हर पड़ाव को सुंदर और सार्थक बनाया जा सकता है।
विशेष संवाददाता- गनपत राय













