चंदौली। पिछले कई दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। चंद्रप्रभा नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पार कर गया है और नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। नतीजतन बबुरी थाना क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में पानी घुस गया है, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
किसानों पर दोहरी मार
- गांवों में पानी घुसने से सबसे अधिक प्रभावित किसान हुए हैं।
- करीब 7000 एकड़ में लगी धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है।
- जिन खेतों में हरियाली लहरानी थी, वहां अब सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है।
- किसानों की महीनों की मेहनत और उम्मीदें पानी में डूब गई हैं।
- ग्रामीण किसानों का कहना है कि यदि पानी जल्द नहीं उतरा तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी और उन्हें भारी आर्थिक संकट झेलना पड़ेगा।
राहत और बचाव कार्य
- प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।
- नावों और राहत टीमों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
- कुछ जगहों पर अस्थायी शरणस्थल भी बनाए गए हैं, जहां लोगों को ठहराने और भोजन-पानी की व्यवस्था की गई है।
- जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने का आदेश दिया गया है।
प्रभावित गांव
अब तक दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इनमें –
ददरा, भुरकुंडा, बहोंरा, गोडी़, दुदे, इंद्रपुरा, खरीद, चोर मरवा, बबुरी, भवतपुरा, जरखोर और जगदीशपुर प्रमुख रूप से शामिल हैं।
हालात गंभीर होने की आशंका
प्रशासन का कहना है कि अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो हालात और बिगड़ सकते हैं। ग्रामीणों को और अधिक सहायता की उम्मीद है, वहीं प्रशासन लगातार निगरानी में जुटा है।









