चंदौली। गंगा नदी में मछली पकड़ने के अधिकार की नीलामी को लेकर मछुआरा समाज आक्रोशित है। शुक्रवार को चहनियां क्षेत्र के समाजसेवी ध्रुव मिश्रा प्रिंस के नेतृत्व में गंगा किनारे बसे कई गांवों के सैकड़ों लोग एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी चंदौली को राज्यपाल को संबोधित एक पत्रक सौंपा।
“गंगा पर ही निर्भर है हमारी रोज़ी-रोटी”
मछुआरा समाज का कहना है कि पड़ाव से लेकर टांडा तक बसे हजारों भूमिहीन मछुआरों की जीविका पूरी तरह गंगा नदी पर टिकी हुई है। लेकिन कुछ चंद लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए गंगा की नीलामी की जा रही है, जो गरीब और बेरोजगार मछुआरों के पेट पर लात मारने जैसा है।
पिछले वर्ष भी हुआ था विरोध
नेतृत्व कर रहे समाजसेवी ध्रुव मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्ष भी गंगा की नीलामी का प्रयास किया गया था, लेकिन व्यापक विरोध और प्रयासों के बाद शासन को इसे निरस्त करना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी नीलामी की गई तो मछुआरा समाज जल सत्याग्रह और सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
पत्रक सौंपने वालों में शामिल रहे
विरोध प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी को पत्रक सौंपने वालों में प्रमुख रूप से –
पिंटू निषाद, कृष्णा निषाद, जामेश्वर निषाद, सत्येंद्र निषाद, जीवन निषाद, रोहित निषाद, जित्तन निषाद, रमेश निषाद, लल्ला निषाद, अमरनाथ निषाद, मोनू निषाद, विकास निषाद, नन्दलाल निषाद, राजकुमार निषाद, शिवशंकर निषाद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
विशेष संवाददाता- गनपत राय









