चंदौली। जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 1 से 30 सितंबर 2025 तक “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान चलाया जा रहा है। इस अवधि में पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पहुंचे दोपहिया चालकों को पेट्रोल या डीजल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
शासन और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पहल
वरिष्ठ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सर्वेश गौतम ने बताया कि यह अभियान शासन के निर्देश और सड़क सुरक्षा समिति (SCoRRS) व सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में शुरू किया गया है। सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं और हेलमेट न पहनने के कारण होने वाली मौतों को देखते हुए यह कदम जरूरी माना गया है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
- हेलमेट का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित करना
- सड़क दुर्घटनाओं से मौत और गंभीर चोटों को रोकना
- यातायात नियमों का पालन कराने में जनता को जागरूक बनाना
संयुक्त कार्रवाई
इस अभियान को सफल बनाने के लिए परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की संयुक्त टीम कार्य करेगी। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि बिना हेलमेट पहुंचे चालकों को ईंधन नहीं दिया जाएगा।
सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति
प्रदेश में वर्ष 2024 में 46,052 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 24,118 लोग घायल हुए। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि इन हादसों में 51 प्रतिशत पीड़ित 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा थे। रिपोर्ट बताती है कि इनमें से अधिकांश हादसे बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों की वजह से हुए।
जागरूकता पर जोर
अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मकसद लोगों को दंडित करना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की सुरक्षा के लिए प्रेरित करना है। सड़क पर निकले हर चालक के लिए हेलमेट उसकी सुरक्षा ढाल है। यदि यह आदत बन जाए तो हजारों जिंदगियां हर साल बचाई जा सकती हैं।
विशेष संवाददाता- गनपत राय













