चंदौली। वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य में फिर से तेंदुए की गुर्राहट गूंजेगी। बिजनौर वन प्रभाग के कौड़िया रेंज से रेस्क्यू किए गए एक नर गुलदार (तेंदुआ) को मंगलवार को सुरक्षित रूप से चंद्रप्रभा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में छोड़ा गया।
प्राकृतिक आवास में वापसी
वन विभाग की विशेष टीम ने क्षेत्रीय वन अधिकारी की देखरेख में गुलदार को जंगल में आज़ादी दी। अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ है और अभयारण्य के प्राकृतिक वातावरण में सहज होकर अपना जीवन जी पाएगा।
संरक्षण और जैव विविधता को मिलेगा बल
वन विभाग का मानना है कि इस पहल से न केवल तेंदुए को प्राकृतिक वास मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की जैव विविधता को भी मजबूती मिलेगी। अभयारण्य में पहले से मौजूद जंगली जानवरों और पक्षियों के साथ गुलदार की मौजूदगी इकोसिस्टम को और संतुलित करेगी।
पर्यटन की संभावना बढ़ेगी
विशेषज्ञों का कहना है कि चंद्रप्रभा अभयारण्य में तेंदुए की मौजूदगी से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ सकती है। यह कदम वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ इको-टूरिज्म को भी नई ऊर्जा देगा।









