चंदौली। सकलडीहा कस्बे में शनिवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को बदले जाने की खबर फैल गई। देखते ही देखते सैकड़ों आंबेडकर समर्थक तिराहे पर एकत्र हो गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया।
जानकारी के अनुसार, कस्बे के मुख्य तिराहे पर स्थापित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को बीती रात प्रशासन द्वारा हटाया गया था। सुबह जब लोगों को इसकी जानकारी हुई तो स्थानीय दलित समाज में आक्रोश फैल गया। समर्थकों का कहना था कि बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के प्रतिमा को हटाना दलित समाज का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जानबूझकर यह कदम उठाया, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि नगर में यातायात सुधार कार्य और सौंदर्यीकरण परियोजना के तहत प्रतिमा को अस्थायी रूप से हटाया गया था, और उसी स्थान पर अब नई प्रतिमा सुरक्षित रूप से स्थापित कर दी गई है। किसी भी प्रकार की अनादर की मंशा नहीं थी।
तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सकलडीहा एसडीएम और कोतवाल ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया और शांति बनाए रखने की अपील की।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रमेश राम, सामाजिक कार्यकर्ता श्यामलाल चौहान और राजेश कुमार समेत कई गणमान्य लोग पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की।
हालांकि, आंबेडकर समर्थकों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी मांगों — विशेषकर चौराहे पर गोलंबर बनाकर भव्य संगमरमर की प्रतिमा स्थापित करने — को पूरा नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। इलाके में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है।













