चंदौली। चकिया पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी अंतरराज्यीय गो-तस्कर इकबाल भाई पुत्र करीम भाई बडवरिया निवासी मोरबी (गुजरात) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी मुगलसराय रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो स्टैंड के पास पीपल के पेड़ के नीचे से की गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी कार्रवाई मुगलसराय पुलिस क्षेत्र के बीचों-बीच हुई, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी इकबाल भाई काफी समय से गो-तस्करी के धंधे में सक्रिय था। उसके खिलाफ गुजरात और अन्य राज्यों में एक दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, और अवैध परिवहन व तस्करी से जुड़े कई मामले शामिल हैं। आरोपी कई बार पुलिस के हत्थे चढ़ने से बच चुका था और राज्यों की सीमाएं पार कर तस्करी का जाल फैलाए हुए था।
चकिया थाना प्रभारी अर्जुन सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि इनामी गो-तस्कर इकबाल भाई मुगलसराय स्टेशन के पास किसी से मिलने वाला है। सूचना मिलते ही उन्होंने एक विशेष टीम गठित की, जिसमें उपनिरीक्षक इन्द्रासन यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन के आसपास घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी तलाशी ली और पूछताछ शुरू की।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इकबाल भाई गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गो-तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। वह मवेशियों की अवैध ढुलाई और बिक्री के कारोबार में लंबे समय से सक्रिय था। बताया जा रहा है कि वह बीते कुछ दिनों से पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में तस्करी की नई राह बनाने के प्रयास में था।
चकिया थाना प्रभारी अर्जुन सिंह ने बताया कि आरोपी बेहद चालाक और संगठित गिरोह का सदस्य है। वह कई बार फर्जी पहचान पत्र और वाहन के दस्तावेजों का उपयोग कर पुलिस को गुमराह करता रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का कोई स्थानीय संपर्क तो नहीं है।
इस कार्रवाई को लेकर पुलिस विभाग में सराहना की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने चकिया पुलिस टीम की तत्परता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाइयाँ अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करती हैं। वहीं, इस घटना ने यह भी उजागर कर दिया कि मुगलसराय पुलिस की लापरवाही के कारण इतने बड़े इनामी अपराधी को उनके क्षेत्र में पनाह मिल गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इकबाल भाई के गिरोह के कई सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। विभाग का कहना है कि जिले में गो-तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।













