वाराणसी। अधिवक्ता स्वर्गीय राजा आनंद ज्योति सिंह मौत प्रकरण में लगातार न्याय की लड़ाई लड़ रहे परिजनों से आज कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मुलाकात करेंगे। उनका आगमन 9 दिसंबर 2025, सुबह 10:15 बजे चौबेपुर थाना क्षेत्र के बरथरा कला स्थित दिवंगत अधिवक्ता के घर पर निर्धारित है। इस मुलाकात को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है, क्योंकि परिवार पिछले एक वर्ष से पुलिस-प्रशासन के चक्कर लगाने के बावजूद न्याय से वंचित है।
परिजनों का कहना है कि अधिवक्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उन्होंने थाना स्तर से लेकर वाराणसी के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक कई बार गुहार लगाई, लेकिन आज तक उनकी सुनवाई नहीं हुई। परिजन आरोप लगाते हैं कि मामले में शामिल कफ सिरप माफिया से जुड़े लोगों—जिनमें शुभम जायसवाल और उसके साथी अमित सिंह टाटा का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है—के खिलाफ वाराणसी पुलिस ने अब तक कोई मुकदमा तक दर्ज नहीं किया। परिवार का दावा है कि इन प्रभावशाली लोगों की पकड़ के कारण पुलिस कार्रवाई से बचती रही है।
घटना के बाद से दिवंगत अधिवक्ता के परिवार, विशेषकर बच्चों की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। महीनों से दर-दर भटकने और शिकायतों के बावजूद उचित कानूनी कार्रवाई न होने से परिजनों में आक्रोश बढ़ा है। उनका कहना है कि न्याय मिलने की उम्मीद अब भी जीवित है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उदासीनता और देरी ने परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया है।
इसी पृष्ठभूमि में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का यह दौरा राजनीतिक और सामाजिक—दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अजय राय परिवार से पूरी घटना की जानकारी लेंगे और उन्हें भरोसा दिलाएंगे कि न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस हर संभव कदम उठाएगी। वहीं स्थानीय लोग भी उम्मीद कर रहे हैं कि इस उच्चस्तरीय हस्तक्षेप के बाद मामले में ठोस कार्रवाई शुरू हो सकती है।
परिजनों का स्पष्ट कहना है कि उन्हें केवल एक ही मांग है—“न्याय और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।”









