वाराणसी। बिजली निजीकरण, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और नई श्रम संहिता का विरोध कर रहे बिजलीकर्मियों का आंदोलन उत्तर प्रदेश में लगातार उग्र होता जा रहा है। बुधवार को यह प्रदर्शन अपने 378वें दिन में प्रवेश कर गया। वाराणसी में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी लंका स्थित बिजली घर के सामने जुटे और सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
कर्मचारियों ने मांग की कि नियमित रूप से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को पिछले एक वर्ष की औसत खपत के आधार पर मौजूदा बिल में 25% क्रेडिट दिया जाए। साथ ही वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना में 2 किलोवाट की सीमा बढ़ाकर कम से कम 4 किलोवाट करने की मांग उठाई गई। उनका कहना है कि विभाग ने कई उपभोक्ताओं का लोड बिना अनुमति बढ़ा दिया, जिससे वे OTS के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिजली व्यवस्था को निजी कंपनियों को सौंपने की तरफ बढ़ रही है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली के रूप में पड़ेगा और कर्मचारियों के अधिकार भी खतरे में पड़ेंगे।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का बड़ा फैसला
सोमवार को दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक में देश की दस प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों—एटक, इंटक, सीटू, एचएमएस, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवाओं, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी—ने फरवरी 2026 में राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल करने की घोषणा की। हड़ताल की अंतिम तारीख 22 दिसंबर को होने वाली अगली बैठक में तय की जाएगी। यह आंदोलन बिजली संशोधन बिल, नई श्रम संहिता और किसानों की मांगों के समर्थन में किया जाएगा।
1 जनवरी से यूपी में बड़ा आंदोलन
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि 1 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। इसी क्रम में मंगलवार को वाराणसी समेत सभी जिलों में बिजली कर्मचारियों ने घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया।
आगामी 14 दिसंबर को दिल्ली में नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लॉइज एंड इंजीनियर्स और संयुक्त किसान मोर्चा की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें यूपी के लंबे समय से चल रहे निजीकरण-विरोधी आंदोलन को व्यापक राष्ट्रीय समर्थन देने पर चर्चा होगी। बैठक में यूपी संघर्ष समिति के संयोजक एवं ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे शामिल होंगे।
इन नेताओं ने किया संबोधित
प्रदर्शन के दौरान जिन नेताओं ने मंच से कर्मियों को संबोधित किया, उनमें अंकुर पाण्डेय, राजेश सिंह, संदीप कुमार, हेमन्त श्रीवास्तव, अभिषेक शुक्ला, धनपाल सिंह, मनोज यादव, मनोज जैसवाल, उमेश यादव, योगेंद्र कुमार और एस.के. सरोज शामिल रहे।













