चंदौली। चहनियां क्षेत्र के ग्राम बिजई के पूरा में बुधवार की रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब मछली पकड़ रहे मछुआरों के जाल में अचानक एक मगरमच्छ का बच्चा फंस गया। पहले तो मछुआरों को लगा कि कोई बड़ी मछली जाल में फंसी है, लेकिन जब ध्यान से देखा गया तो मामला कुछ और ही निकला।
मछुआरों ने दिखाई हिम्मत
घटना के दौरान मछुआरे राघव निषाद, पी.एन. निषाद और शोभनाथ निषाद मौके पर मौजूद थे। उन्होंने घबराने के बजाय साहस का परिचय दिया। किसी तरह जाल को नियंत्रित करते हुए मगरमच्छ के बच्चे को बाहर निकाला और सुरक्षित रूप से बांध दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सतर्कता नहीं दिखाई जाती तो यह हादसा बड़ा रूप भी ले सकता था।
देखने उमड़ी भीड़
मगरमच्छ का बच्चा जाल में फंसा देख गांव के आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। कुछ लोग हैरानी से दृश्य देखते रहे तो कुछ ने इसे अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। ग्रामीणों के लिए यह घटना चौंकाने वाली थी, क्योंकि मछली पकड़ते समय जाल में मगरमच्छ फंसने का यह पहला मामला था।
क्षेत्र में अक्सर दिखाई देते हैं मगरमच्छ
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस इलाके के तालाबों और नदियों के किनारों पर अक्सर मगरमच्छ देखे जाते हैं। हालांकि, अब तक वे मछुआरों के लिए सीधा खतरा नहीं बने थे। मगर इस घटना के बाद मछुआरों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
विभाग से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे जलीय जीवों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो भविष्य में किसी गंभीर हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राहत की सांस
फिलहाल मगरमच्छ के बच्चे को जाल से निकालकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना है कि यह घटना इस बात का संकेत है कि मछुआरों को नदी और तालाबों में जाल डालते समय हमेशा सतर्क रहना चाहिए।













