मऊ। गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल (मुंबई) जा रही काशी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15018) में बम होने की धमकी मिलने से मंगलवार सुबह मऊ रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस कंट्रोल रूम को सुबह करीब 9:30 बजे एक अज्ञात कॉल के जरिए ट्रेन में बम रखे होने की सूचना दी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं।
सूचना मिलते ही मऊ पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमें रेलवे स्टेशन पहुंचीं। ट्रेन को तत्काल प्लेटफॉर्म पर रोककर सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से ट्रेन की एक-एक बोगी की सघन तलाशी शुरू की गई। करीब दो घंटे तक चले तलाशी अभियान के दौरान एक संदिग्ध बैग मिला, जिससे कुछ देर के लिए दहशत और बढ़ गई, हालांकि जांच में उसमें कोई विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई।
मऊ के पुलिस अधीक्षक इलामारन जी ने बताया कि बम की धमकी देने वाली कॉल इंटरनेट आधारित प्रतीत हो रही है। सर्विलांस टीम कॉल करने वाले की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई है। फिलहाल जांच में कोई आपत्तिजनक या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, जिससे यह धमकी फर्जी मानी जा रही है। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में बम धमकियों की घटनाएं सामने आ रही हैं। मंगलवार को ही कर्नाटक के मैसूरु जिला न्यायालय परिसर को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद परिसर को खाली कराकर तलाशी ली गई, लेकिन वहां भी कुछ नहीं मिला। इससे पहले मध्य प्रदेश के इटारसी स्थित ऑर्डनेंस फैक्ट्री और एक हैदराबाद-कुवैत फ्लाइट को भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं, जो जांच में फर्जी साबित हुईं।
लगातार मिल रही ऐसी धमकियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है।









