वाराणसी। पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद भी कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लंका थाना क्षेत्र के निवासी मनोज साहनी ने जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े एक मामले में 44 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे पीड़ित पक्ष में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मनोज साहनी ने दिसंबर महीने में उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि चार लोगों ने जमीन के सौदे के नाम पर उनसे करीब 44 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत की जांच के बाद लंका थाने में 6 फरवरी 2026 को मुकदमा संख्या 0074 दर्ज किया गया, जिसमें चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
पीड़ित का कहना है कि जब उच्च अधिकारियों के आदेश पर जांच के बाद मामला दर्ज किया गया है, तो पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेजना चाहिए। उनका आरोप है कि केस दर्ज होने के बावजूद पुलिस आरोपियों को पकड़ने में गंभीरता नहीं दिखा रही है, जिससे उन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 316(2), 338, 352 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और ऐसे मामलों में लोगों का भरोसा बना रहे।









