वाराणसी। बहुचर्चित और विवादों में घिरी रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड पर एक और ठगी का गंभीर आरोप लगा है। अदालत के आदेश पर कैंट थाना पुलिस ने कंपनी से जुड़े पांच लोगों के खिलाफ 26 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पहले से ही कई राज्यों में जांच और शिकायतों का सामना कर रही इस कंपनी पर आरोपों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
मामला लंका थाना क्षेत्र के अवलेशपुर, कंदवा निवासी रमन सिंह का है। पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 2017 से 2020 के बीच शाइन सिटी के प्रतिनिधियों ने विभिन्न आवासीय योजनाओं में आकर्षक प्लॉट दिलाने का लालच दिया। कई मीटिंग और भरोसेमंद वादों के बाद आरोपियों ने उनसे किस्तों में कुल 26 लाख रुपये वसूल लिए।
रमन सिंह के अनुसार, पैसे जमा करने पर कंपनी ने बुकिंग रसीदें और दो सेल डीड (विक्रय विलेख) जारी किए, जिससे उन्हें भरोसा हो गया कि प्लॉट वैध हैं। लेकिन जब कब्जा देने की बारी आई तो कंपनी के कर्मचारी बहाने बनाने लगे। पीड़ित ने खुद मौके पर जाकर जांच की तो पता चला कि दिखाए गए प्लॉट का कोई अस्तित्व ही नहीं है और जमीन किसी अन्य के नाम दर्ज है।
पीड़ित के अनुसार, जब वे स्पष्टीकरण मांगने कंपनी के कैंट स्थित कार्यालय पहुंचे तो ऑफिस बंद मिला। कई दिनों तक दौड़ने के बाद भी कंपनी का कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिला। स्थानीय थाने में शिकायत दी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई न होने पर उन्होंने अंततः अदालत का दरवाजा खटखटाया।
अदालत के निर्देश पर कैंट पुलिस ने राशिद नसीम, आसिफ नसीम, ऐनुल रशीद, संजय सिंह और संतोष कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (फर्जी दस्तावेज), 471 (फर्जी दस्तावेज का प्रयोग), 506 (धमकी) और 120-बी (षड्यंत्र) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
गौरतलब है कि शाइन सिटी पर पहले से ही वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, भोपाल, इंदौर, रायपुर सहित कई शहरों में सैकड़ों करोड़ की ठगी के मामले दर्ज हैं। कंपनी के डायरेक्टरों पर जनता से अरबों रुपये जुटाकर फर्जी परियोजनाएं दिखाने, सेल डीड जारी करने और कब्जा न देने जैसे गंभीर आरोप हैं। कई निवेशक अब भी न्याय के इंतजार में भटक रहे हैं।













