वाराणसी। चोलापुर क्षेत्र के साई गाँव में रहने वाले संजय पांडेय इन दिनों अपनी 17 वर्षीय लापता बेटी की तलाश में दर–दर भटक रहे हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे बस चालक संजय ने पुलिस की उदासीनता का आरोप लगाते हुए बुधवार को पुलिस कमिश्नर वाराणसी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
संजय पांडेय ने अपने आवेदन में बताया कि 10 नवंबर 2025 की सुबह उनकी दो बेटियाँ घर से बाहर निकली थीं। तभी रिंग रोड के पास एक संदिग्ध युवक ने बड़ी बेटी स्वीटी पांडेय को जबरन बाइक (या किसी अन्य वाहन) पर बैठाकर ले जाने की कोशिश की और उसे उठाकर फरार हो गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
घटना के तुरंत बाद संजय ने थाना चोलापुर में मामला दर्ज कराया, जहाँ इस प्रकरण को अपराध संख्या 450/2025 के रूप में धारा 137(2), 87 बीएनएस में दर्ज किया गया। लेकिन पिता का कहना है कि शिकायत के बावजूद पॉक्सो एक्ट की गम्भीर धाराएँ शामिल ही नहीं की गईं, जबकि यह मामला नाबालिग लड़की से जुड़ा हुआ है।
पीड़ित पिता ने यह भी खुलासा किया कि इससे पहले उनकी बेटी के साथ फरीदपुर (सारनाथ) निवासी सूरज नाम के युवक द्वारा दुष्कर्म किया गया था। वह मामला अभी न्यायालय में लंबित है, लेकिन अब बेटी के फिर से गायब हो जाने पर परिवार की चिंता कई गुना बढ़ गई है।
संजय ने कहा कि पुलिस की धीमी कार्रवाई ने उनकी बेबसी बढ़ा दी है। उनका कहना है कि
“2019 में मेरी पत्नी अचानक लापता हो गई थी, और आज तक पुलिस कुछ नहीं कर पाई। अब मेरी बेटी भी गायब है। इतने सालों से हम सिर्फ इंतज़ार ही कर रहे हैं—लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।”
परिवार की इस गहरी पीड़ा और लगातार हो रहे उत्पीड़न को देखते हुए संजय पांडेय ने पुलिस कमिश्नर से बेटी की जल्द से जल्द बरामदगी, उचित धाराएँ जोड़ने और कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है।













