चंदौली। समाज के गौरव, स्वाभिमान और सृजन का प्रतीक पर्व विश्वकर्मा पूजा से पहले सोमवार को विश्वकर्मा उत्थान मंच की ओर से सैयदराजा श्री विश्वकर्मा मंदिर से जिला मुख्यालय तक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में हजारों की संख्या में मोटरसाइकिल सवार शामिल हुए। मुख्यालय पहुंचने पर यह यात्रा एक सभा में परिवर्तित हो गई।
समाज की निष्ठा और पहचान से जुड़ा पर्व
शोभायात्रा का नेतृत्व मंच के जिला अध्यक्ष एवं भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष श्रीकांत विश्वकर्मा ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विश्वकर्मा पूजा समाज की धार्मिक निष्ठा और सामाजिक पहचान से जुड़ा हुआ पर्व है। जिलेभर में इसे धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
सरकार की योजनाओं का मिला सहारा
उन्होंने कहा कि आज केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार विश्वकर्मा समाज के उत्थान के लिए कई योजनाएं चला रही है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और उत्तर प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इन योजनाओं से कामगार समाज के हुनर को परिष्कृत कर उन्हें रोजगार और आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
शिल्पकला बोर्ड और पाठ्यक्रम में मांग
अपने संबोधन में श्रीकांत विश्वकर्मा ने प्रदेश सरकार से शिल्पकला बोर्ड के गठन की मांग की। साथ ही भगवान श्री विश्वकर्मा चरित को पाठ्यक्रमों में शामिल करने की अपील की, ताकि करोड़ों कामगारों की भावनाओं का सम्मान हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वकर्मा समाज को सरकार और संगठनों में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए।
समाज के वरिष्ठजन रहे मौजूद
इस मौके पर समाज के वरिष्ठ नेता नंदलाल विश्वकर्मा, जमुना विश्वकर्मा, कमलेश विश्वकर्मा, महिला सभा की जिलाध्यक्ष अनीता शर्मा, मीना विश्वकर्मा (सभासद), सुनीता विश्वकर्मा, रेखा शर्मा, जिला उपाध्यक्ष दीनदयाल विश्वकर्मा, महेंद्र विश्वकर्मा, नगीना विश्वकर्मा और महासचिव कालिका विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।









