चंदौली। मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर रविवार को चंदौली के प्रसिद्ध बलुआ घाट पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां पश्चिम वाहिनी गंगा में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए भोर से ही हजारों श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ‘हर-हर गंगे’ और ‘जय मां गंगा’ के जयघोष से पूरा घाट परिसर और आसपास का वातावरण भक्तिमय हो उठा।
पश्चिम वाहिनी गंगा का विशेष महत्व हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या को विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन मौन रहकर गंगा स्नान, जप और दान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। बलुआ घाट पर गंगा का प्रवाह पश्चिम दिशा (पश्चिम वाहिनी) की ओर है, जिसे शास्त्रों में अत्यंत दुर्लभ और कई गुना अधिक पुण्यकारी माना गया है। इसी विश्वास के चलते दूर-दराज के जनपदों से भी श्रद्धालु यहां स्नान और दान-पुण्य के लिए पहुंचे।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आला अधिकारी मौके पर डटे रहे:
अधिकारी मौजूद: एसडीएम सकलडीहा कुंदन राज कपूर और सीओ स्नेहा तिवारी ने खुद घाट पर उपस्थित रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
पुलिस बल: थानाध्यक्ष बलुआ अतुल कुमार के नेतृत्व में पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे।
सुरक्षा उपाय: गंगा में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशिक्षित गोताखोरों की टीम लगातार निगरानी करती रही। साथ ही, गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल के नेतृत्व में वालंटियर्स ने भी श्रद्धालुओं की सहायता की।
मेले में दिखा उत्साह, चाट-जलेबी का लिया आनंद स्नान और दान-पुण्य के बाद श्रद्धालुओं ने घाट पर लगे मेले का जमकर लुत्फ उठाया। मेले में एक तरफ जहां महिलाओं ने खरीदारी की, वहीं बच्चों ने झूलों और चरखी का आनंद लिया। चाट, पकौड़ी और गर्म जलेबी की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ रही। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते मौनी अमावस्या का यह महापर्व शांति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।













