चंदौली। जिले के अलीनगर अंतर्गत दीनदयाल नगर (मुगलसराय) स्थित ज्योति कॉन्वेंट स्कूल परिसर में साहित्य और व्यंग्य की विरासत को समर्पित एक भावपूर्ण आयोजन हुआ। अस्मिता नाट्य संस्थान के संस्थापक व महासचिव रंगकर्मी विजय कुमार गुप्ता तथा विद्यालय के प्रबंधक कृष्णा गुप्ता के संयुक्त संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में काशी के प्रसिद्ध हास्य–व्यंग्य कवि डॉ. अजीत श्रीवास्तव ‘चपाचप बनारसी’ और जनप्रिय व्यंग्यकार नरेंद्र नाथ दुबे ‘अडिग’ की जयंती मनाई गई।
कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद के संस्थापक कवि इंद्रजीत तिवारी ‘निर्भीक’ ने किया, जबकि वरिष्ठ सांस्कृतिक आयोजक प्रमोद अग्रहरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन की शुरुआत दोनों रचनाकारों के साहित्यिक योगदान को स्मरण करते हुए हुई, जहां उनके व्यंग्य आज के सामाजिक–राजनीतिक संदर्भों में भी उतने ही प्रासंगिक प्रतीत हुए।
कवि इंद्रजीत तिवारी ‘निर्भीक’ ने चपाचप बनारसी की चर्चित रचना “लाल टमाटर देहरादून, काटो राजा दूननू जून…” और नरेंद्र नाथ दुबे ‘अडिग’ की पंक्तियाँ “वे हमें देखते हैं, हम उन्हें देखते हैं…” उद्धृत करते हुए कहा कि दोनों कवियों का व्यंग्य सत्ता, व्यवस्था और समाज के दोहरे चरित्र पर करारा प्रहार करता है। उनकी रचनाएं आज भी श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर देती हैं।
मुख्य अतिथि प्रमोद अग्रहरी ने कहा कि चपाचप बनारसी और अडिग जिस मंच पर पहुंचते थे, वह मंच स्वतः ही हास्य और व्यंग्य से भर जाता था। ऐसे रचनाकारों की मौजूदगी ही किसी भी साहित्यिक आयोजन को यादगार बना देती थी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इन रचनाकारों से परिचित कराना समय की जरूरत है।
रंगकर्मी विजय कुमार गुप्ता ने भावुक स्वर में कहा कि आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज, उनकी शैली और उनका व्यंग्य आज भी जीवित है। उन्होंने कहा कि चपाचप और अडिग अपने-अपने ढंग से जनपक्षधर साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर थे। विद्यालय प्रबंधक कृष्णा गुप्ता ने स्वागत संबोधन में कहा कि दोनों कवि लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने और समाज को आईना दिखाने का काम करते रहे, ऐसे रचनाकारों की जयंती मनाना गर्व का विषय है।
समारोह में विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल मौर्य, तापसी मंडल, दीप शिखा, निहारी लाल यादव, प्रकाश मंडल, आनंद तिवारी, वंदना शर्मा, दीपक बनर्जी, अनिता कुमारी, जानकी कुमारी, राकेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम पूरे समय स्मृतियों, व्यंग्य और सम्मान के भाव से सराबोर रहा।













