वाराणसी। कमिश्नरेट पुलिस ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी से जुड़े एक बड़े और संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना शुभम जायसवाल समेत चार आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी कर दिया है। फरार चल रहे शुभम जायसवाल पर पहले से ही 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। पुलिस के मुताबिक यह नेटवर्क फर्जी फर्मों, बोगस ई-वे बिल और कागजी लेन-देन के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार कर रहा था।
लुकआउट सर्कुलर जारी किए गए आरोपियों में शुभम जायसवाल, आकाश पाठक, दिवेश जायसवाल और अमित जायसवाल के नाम शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि शुभम जायसवाल रांची स्थित शैली ट्रेडर्स का मालिक है और विशेष जांच टीम (एसआईटी) की पड़ताल में पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड पाया गया है। वह कोडीनयुक्त कफ सिरप की खरीद, सप्लाई और फर्जी दस्तावेजों के जरिए परिवहन की पूरी रणनीति खुद तय करता था।
आकाश पाठक गोलघर मैदागिन का निवासी बताया गया है, जो शुभम का करीबी सहयोगी है और नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन को संभालने की जिम्मेदारी उसी के पास थी। वहीं दिवेश जायसवाल डीएसए फार्मा का प्रोपराइटर है, जबकि अमित जायसवाल काजीपुरा खुर्द का रहने वाला है। इन सभी की भूमिका कफ सिरप की खरीद, स्टोरेज, सप्लाई और कागजी खानापूर्ति में अहम पाई गई है।
एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने शहर के कई नवयुवकों के नाम पर फर्जी फर्में खुलवाईं। इन फर्मों के बैंक खाते, जीएसटी पंजीकरण, चेकबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज खुद अपने कब्जे में रखे जाते थे। इन्हीं फर्जी फर्मों के नाम पर बोगस ई-वे बिल जनरेट कर कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई देश के विभिन्न हिस्सों में की जाती थी। जिन युवकों के नाम पर फर्में बनाई गई थीं, उन्हें हर महीने 40 से 50 हजार रुपये देकर इस्तेमाल किया जा रहा था।
मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल आदमपुर थाना क्षेत्र के प्रहलाद घाट, कायस्थ टोला का मूल निवासी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है और कई ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। इसके अलावा इस मामले में 25 हजार रुपये का इनामी महेश सिंह भी फरार चल रहा है, जो रोहनिया थाना क्षेत्र के भदवर का निवासी बताया गया है।
एसआईटी के रडार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य कारोबारी भी हैं। इनमें विशेश्वरगंज-औसानगंज निवासी मनोज यादव और उसका बेटा लक्ष्य यादव (मेसर्स सिंडिकेट), सूजाबाद निवासी राहुल यादव तथा खोजवा के घनश्याम और अंकुश सिंह के नाम शामिल हैं। पुलिस पहले ही सूजाबाद स्थित एक गोदाम से मनोज यादव से जुड़े ठिकाने से करीब 60 लाख रुपये मूल्य का कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद कर चुकी है, जिसे अवैध रूप से खपाने की तैयारी थी।
डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि चारों मुख्य आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है, ताकि वे देश छोड़कर फरार न हो सकें। एसआईटी लगातार कार्रवाई कर रही है और ड्रग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर खरीद-बिक्री से जुड़े अहम इनपुट जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही इस मामले में और भी बड़ी गिरफ्तारियां की जाएंगी।













