वाराणसी। वाराणसी में एक भावनात्मक और संवेदनशील मामले में पुलिस की सक्रियता ने एक युवक की जिंदगी बचा ली। तेलंगाना राज्य से आए एक युवक के आत्मघाती कदम उठाने की आशंका की सूचना मिलते ही पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बिना देरी किए पूरी पुलिस व्यवस्था को अलर्ट कर दिया, जिससे समय रहते युवक को सुरक्षित खोज लिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार तेलंगाना निवासी सुरेश ने पुलिस आयुक्त के सीयूजी नंबर पर संपर्क कर एक वीडियो साझा किया। उसने बताया कि उसका परिचित कार्तिक मणिकांता वाराणसी में मौजूद है और उसने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या करने की बात कही है। वीडियो में गंगा घाट क्षेत्र का दृश्य दिखाई दे रहा था, जिससे अंदाजा लगाया गया कि युवक मणिकर्णिका घाट या उसके आसपास के इलाके में हो सकता है। सुरेश ने बेहद चिंतित होकर पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।
मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने तुरंत कई टीमों को अलग-अलग संभावित स्थानों पर रवाना किया और स्वयं पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। एसओजी और स्थानीय पुलिस को निर्देश दिए गए कि हर संभावित एंगल से सर्च किया जाए और युवक को किसी भी हालत में सुरक्षित खोजा जाए।
एसओजी प्रभारी गौरव सिंह और चौक थाना प्रभारी दिलीप मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने मणिकर्णिका घाट, काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र, संकरी गलियों और आसपास के भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार तलाश अभियान चलाया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को सफलता मिली और युवक को काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप सुरक्षित हालत में बरामद कर लिया गया।
युवक को तत्काल पुलिस संरक्षण में लिया गया और उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए काउंसलिंग की व्यवस्था कराई गई। पुलिस द्वारा उसके परिजनों से भी संपर्क साधा जा रहा है ताकि उसे भावनात्मक सहयोग मिल सके। इस पूरे घटनाक्रम में वाराणसी पुलिस की तत्परता, मानवीय दृष्टिकोण और जिम्मेदारी की भावना साफ दिखाई दी।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की शहर में सराहना हो रही है। यह घटना न सिर्फ पुलिस की सजगता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि समय पर उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है।













