अयोध्या, वाराणसी और मथुरा-वृंदावन में नए साल के आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ पड़ी है। रामलला, बाबा विश्वनाथ और बांके बिहारी के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं, जिससे तीनों प्रमुख तीर्थ नगरीयों में हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन को भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं।
अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन को लेकर आस्था अपने चरम पर है। राम पथ और भक्ति पथ पर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। सरयू तट पर स्नान के बाद भक्त सीधे राम मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं। अनुमान है कि बीते 24 घंटों में लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर लगातार जाम की स्थिति बनी रही।
काशी में बाबा विश्वनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा हुआ है। बाबा के जलाभिषेक और दर्शन के लिए दो किलोमीटर से अधिक लंबी कतारें देखी जा रही हैं। गोदौलिया, मैदागिन और लहुराबीर तक भक्तों की भीड़ फैली हुई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में अतिरिक्त बैरिकेडिंग की गई है और होल्डिंग एरिया बढ़ाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित दर्शन कराए जा सकें।
मथुरा-वृंदावन में स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। बांके बिहारी मंदिर के आसपास महाकुंभ जैसे हालात नजर आ रहे हैं। संकरी गलियों में भारी भीड़ के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक के बावजूद श्रद्धालुओं की आवक थम नहीं रही है। हालात को देखते हुए बांके बिहारी मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे 5 जनवरी के बाद दर्शन की योजना बनाएं, जिससे किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
तीनों तीर्थ स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की व्यापक तैनाती की गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। भीड़ बढ़ने पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, दिशा-निर्देशों का पालन करें और बुजुर्गों, बच्चों व बीमार व्यक्तियों को भीड़भाड़ वाले समय में मंदिर लाने से बचें। आने वाले दिनों में भी भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है, ताकि नए साल की शुरुआत श्रद्धा और सुरक्षा के साथ संपन्न हो सके।













