संभल। गुन्नौर कोतवाली की बैरक में शुक्रवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 24 वर्षीय सिपाही आशीष वर्मा का शव संदिग्ध हालात में मिला। आशीष जमीन पर बैठी अवस्था में था, उसके गले में रस्सी बंधी हुई थी जो खिड़की से लगी थी। हैरान करने वाली बात यह रही कि उसके कानों में ईयरबड लगे थे और पास में मोबाइल फोन व चार्जर रखा मिला।
शव की स्थिति को देखकर परिजनों ने आत्महत्या की थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि घुटने मुड़े होने और बैठी अवस्था में लटके मिलने की स्थिति सामान्य आत्महत्या से मेल नहीं खाती। इसी आधार पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली में अफरातफरी मच गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, बैरक को सील किया गया और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। कमरे से दो बैग बरामद हुए हैं। पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
मृतक सिपाही आशीष वर्मा शाहजहांपुर जिले का निवासी था और वर्ष 2023 में यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। संभल हिंसा के दौरान वह घायल भी हुआ था। आशीष के चचेरे भाई क्रांति कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम 6–7 बजे के बीच उसकी घर से बात हुई थी, तब वह पूरी तरह सामान्य और खुश था। परिवार का कहना है कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने वाला नहीं था।
शव की खबर मिलते ही परिजन कोतवाली पहुंचे। बेटे का शव देखते ही मां कमला देवी बेहोश हो गईं, जबकि बहनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। आशीष पांच बहनों का इकलौता भाई था और उनकी शादी पहले कराने की बात अक्सर करता था।
परिवार का पुलिस से पुराना नाता रहा है। आशीष के दादा इतवारी लाल दरोगा पद से सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि पिता रघुवीर वर्मा यूपी पुलिस में कांस्टेबल थे, जिनका 2018 में बीमारी से निधन हो गया था।
सीओ आलोक सिद्धू और इंस्पेक्टर राजीव कुमार मलिक ने बताया कि शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल्स, फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।













