सोनभद्र। विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण–2026 (एसआईआर) को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विंध्याचल मंडल के आयुक्त राजेश प्रकाश ने की। अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर चल रहे इस पुनरीक्षण कार्य में निष्पक्षता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ/एईआरओ) को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मतदाता सूची में किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल नहीं होना चाहिए और न ही कोई पात्र मतदाता सूची से वंचित रहना चाहिए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। साथ ही सभी अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पुनरीक्षण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने सोनभद्र जनपद में मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत हो रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अधिकांश बिंदुओं पर कार्य संतोषजनक ढंग से आगे बढ़ रहा है। हालांकि नो-मैपिंग से जुड़े कार्यों की धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया।
बैठक में मौजूद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं। उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर द्वारा फॉर्म वितरण और संग्रहण में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया, खासकर औद्योगिक क्षेत्रों और श्रमिक कॉलोनियों में। इस पर मंडलायुक्त ने औद्योगिक इकाइयों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि श्रमिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए अनुकूल वातावरण बनाना आवश्यक है।
इसके अलावा मंडलायुक्त ने राजनीतिक दलों को निर्देश दिए कि वे शीघ्र ही अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करें, ताकि पुनरीक्षण कार्य में तेजी लाई जा सके। नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में बीएलओ द्वारा फोटो अपलोड, एएसडी मतदाताओं का सत्यापन समेत अन्य आवश्यक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित सभी कार्य 26 दिसंबर तक पूर्ण करने की समयसीमा निर्धारित की गई है। मंडलायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों और विभागों से आपसी समन्वय बनाकर कार्य को समय से और त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।













