वाराणसी। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के सशक्त आवाज रहे चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर वाराणसी में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उनके संघर्षशील जीवन, किसान-केंद्रित नीतियों और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की सोच पर गंभीर चर्चा की गई।
गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने राजनीति को जनसेवा का माध्यम माना और हमेशा गांव, गरीब और किसान को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा। उन्होंने कृषि व्यवस्था को मजबूत किए बिना देश के विकास को अधूरा बताया था।
कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष दिलीप डे दादा ने कहा कि आज भी किसान जिन समस्याओं से जूझ रहा है, उनका समाधान चौधरी चरण सिंह के विचारों में निहित है। मीडिया प्रभारी रामजी यादव ने उनके सिद्धांतों को वर्तमान राजनीति के लिए मार्गदर्शक बताया। पूर्व महासचिव जितेंद्र यादव ने कहा कि उन्होंने जमीन सुधार और किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए।
राष्ट्रीय सचिव लोहिया वाहिनी विवेक जोसेफ ने युवाओं से आह्वान किया कि वे चौधरी चरण सिंह के विचारों को अपनाकर किसान और समाज के कमजोर वर्गों के हक की लड़ाई में आगे आएं। उन्होंने कहा कि किसान विरोधी नीतियों के दौर में उनके सिद्धांत और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
इस अवसर पर महानगर सचिव ज़ाहिद नासिर, जोन प्रभारी ऊर्जेश गुप्ता, आशीष यादव, ओमप्रकाश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर किसान हितों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन चौधरी चरण सिंह के बताए रास्ते पर चलने और उनके सपनों के मजबूत ग्रामीण भारत के निर्माण की प्रतिबद्धता के साथ किया गया।













