वाराणसी। देश की पहली शहरी पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे परियोजना के ट्रायल रन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में तेज हवा के बीच रोपवे का एक गोंडोला झूलता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसे देखकर कई लोगों ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। कुछ यूजर्स ने तो इस परियोजना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे खतरनाक तक करार दे दिया है।
वायरल वीडियो में गोंडोला हवा के झोंकों के कारण काफी हद तक हिलता नजर आ रहा है। इसी दौरान वीडियो बनाने वाले व्यक्ति की आवाज भी सुनाई दे रही है, जो गोंडोला के इस तरह झूलने पर हैरानी जता रहा है और सवाल कर रहा है कि अगर इसमें यात्री सवार होते तो उनकी स्थिति क्या होती। सोशल मीडिया पर यह वीडियो हजारों बार शेयर किया जा चुका है और लोगों के बीच डर और आशंका का माहौल बन गया है।
हालांकि, रोपवे प्रबंधन ने इन आशंकाओं को सिरे से खारिज किया है। एनएचएलएमएल (नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड) के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह वीडियो ट्रायल प्रक्रिया का हिस्सा है और इसमें दिखाई दे रही स्थिति पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित है। अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल के दौरान जानबूझकर तेज हवा जैसी परिस्थितियों में सिस्टम की मजबूती और संतुलन की जांच की जाती है।
प्रबंधन ने बताया कि वाराणसी रोपवे स्विट्जरलैंड की प्रतिष्ठित कंपनी बार्थोलेट की अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है और इसे यूरोपीय सुरक्षा मानकों के अनुसार तैयार किया गया है। गोंडोला का हल्का झूलना इसके डिजाइन का स्वाभाविक हिस्सा है, जिससे हवा के दबाव में संतुलन बना रहता है। इसे किसी तकनीकी खराबी या सुरक्षा में कमी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि ट्रायल के दौरान आपात ब्रेकिंग सिस्टम, तेज हवा, बिजली आपूर्ति में रुकावट और अन्य संभावित परिस्थितियों का गहन परीक्षण किया जा रहा है। स्विट्जरलैंड से आई विशेषज्ञों की टीम मौके पर मौजूद है और हर पहलू की बारीकी से निगरानी कर रही है।
गौरतलब है कि 3.85 किलोमीटर लंबी यह रोपवे परियोजना वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन को गोदौलिया चौक से जोड़ेगी। इसके शुरू होने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचना कहीं अधिक आसान हो जाएगा और शहर के ट्रैफिक दबाव में भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लगभग 815 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजना मई 2026 तक आम जनता के लिए शुरू किए जाने का लक्ष्य रखती है।
प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अधूरे या भ्रामक वीडियो से भ्रमित न हों। सभी सुरक्षा परीक्षण पूरे होने और संतोषजनक परिणाम आने के बाद ही रोपवे को यात्रियों के लिए खोला जाएगा। विशेषज्ञों का भी मानना है कि दुनिया के कई देशों में इस तरह के रोपवे सिस्टम सुरक्षित रूप से संचालित हो रहे हैं और वाराणसी का रोपवे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा के साथ तैयार किया जा रहा है।













