वाराणसी। Sankat Mochan Hanuman Temple के पावन प्रांगण में आयोजित संकट मोचन संगीत समारोह एक बार फिर श्रद्धा, संगीत और नृत्य की त्रिवेणी बनकर श्रोताओं को भावविभोर कर गया। चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर होने वाला यह आयोजन ऐसा है, जिसका इंतजार कला और संगीत प्रेमी पूरे वर्ष करते हैं और समाप्ति के बाद इसकी मधुर स्मृतियों को अपने दिलों में संजोकर रखते हैं।
मुक्ताकाशीय मंच पर आयोजित यह छह दिवसीय समारोह देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त और युवा कलाकारों के लिए साधना का एक पावन अवसर बन जाता है। यहां कलाकार अपनी प्रस्तुतियों को Hanuman जी के चरणों में अर्पित कर स्वयं को धन्य महसूस करते हैं। आस्था और कला का ऐसा दुर्लभ संगम विरले ही देखने को मिलता है।
इस वर्ष 6 अप्रैल से 11 अप्रैल तक चले इस रात्रिव्यापी आयोजन में संगीत, गायन, वादन और नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शास्त्रीय संगीत की गूंज, तबले की थाप और नृत्य की लयबद्ध अभिव्यक्ति ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
संकट मोचन संगीत समारोह न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि यह भक्ति और कला के अद्भुत समन्वय का प्रतीक भी है, जहां हर प्रस्तुति प्रभु के प्रति समर्पण का भाव लिए होती है। यहां संगीत केवल सुनने का नहीं, बल्कि आत्मा से अनुभव करने का माध्यम बन जाता है।









