चंदौली। जिले में अपराध की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सैयदराजा क्षेत्र के काजीपुर गांव में सरकारी शराब दुकान के बाहर एक युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हैरानी की बात यह रही कि शुरुआती दौर में पुलिस इस गंभीर वारदात को सड़क दुर्घटना बताने में लगी रही, लेकिन CCTV फुटेज सामने आते ही पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। अब पुलिस ने छह लोगों पर मुकदमा दर्ज करते हुए दो को हिरासत में ले लिया है।
घटना 23 नवंबर की रात करीब 9:30 बजे की है। जानकारी के मुताबिक कुंभापुर निवासी पियूष सिंह उर्फ छोटू अपने साथी विनायक के साथ काजीपुर स्थित सरकारी ठेके पर गया था। ठेके के बाहर चखना दुकान के पास विनय यादव अपने चार–पांच साथियों संग पहले से मौजूद था। आरोप है कि मामूली कहासुनी के बाद विनय और उसकी टोली ने दोनों दोस्तों पर लाठी, डंडे और शराब की खाली बोतलों से हमला बोल दिया।
अचानक हुए हमले में पियूष और विनायक गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने दोनों को तत्काल CHC पहुंचाया। वहां से हालत नाजुक देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने पियूष को मृत घोषित कर दिया, जबकि विनायक को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया।
मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता ने फूट-फूटकर आरोप लगाया कि विनय यादव लंबे समय से उनके बेटे को धमका रहा था और यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी। परिजनों के अनुसार, हमला पूर्व नियोजित था और आरोपी मौके की तलाश में थे।
सबसे गंभीर सवाल पुलिस के रवैये पर उठे। मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि थाना पुलिस शुरू से ही घटना को “एक्सीडेंट” बताकर दबाने की कोशिश कर रही थी। उनका कहना है कि अगर शुरुआत में ही हत्या की धाराओं में कार्रवाई होती तो कई आरोपी भागने से बच जाते।
इस विवाद के बीच CCTV फुटेज सामने आया, जिसमें मारपीट की तस्वीरें साफ दिखाई दीं। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। सीओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर दो को पकड़ लिया गया है और बाकी की तलाश की जा रही है।













