ग़ाज़ीपुर। करंजा विकास खंड के ग्राम सभा सुआपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक स्थानीय पत्रकार ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप लगाया है। इस मामले में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित पत्रकार अमित उपाध्याय का आरोप है कि गांव में मनरेगा कार्यों में हो रहे कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने के बाद से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने करंजा थाने में दी गई तहरीर में बताया कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ओमप्रकाश सोनकर ने उनके खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए बिना उनका पक्ष जाने भ्रामक और तथ्यहीन खबरें प्रकाशित करवाईं।
पत्रकार का कहना है कि 10 मार्च को “सूचना नेटवर्क गाजीपुर” नामक फेसबुक पेज और 11 मार्च को “स्वतंत्र भारत” समाचार पत्र में उनके खिलाफ एकतरफा खबरें प्रकाशित की गईं। इन खबरों में उन्हें कथित पत्रकार बताते हुए कई निराधार आरोप लगाए गए, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
अमित उपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया कि उक्त सामग्री को मोबाइल नंबर के माध्यम से व्हाट्सएप समूहों में वायरल किया गया, जिससे उनकी छवि खराब हुई और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी उन्हें जान से मारने की धमकी मिल चुकी है, जिसकी शिकायत पहले से ही थाने में दर्ज है।
पत्रकार के अनुसार, हाल के दिनों में उन्हें लगातार यह महसूस हो रहा है कि कुछ अज्ञात लोग उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों से उन्हें यह भी जानकारी मिली है कि उनके खिलाफ साजिश को अंजाम देने की तैयारी की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने पुलिस से सुरक्षा मुहैया कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।













