चन्दौली। सकलडीहा तहसील परिसर में शनिवार को अधिवक्ताओं ने होली का पर्व उत्साह, परंपरा और भाईचारे के साथ मनाया। रंग-अबीर की खुशबू और फगुआ गीतों की गूंज से पूरा परिसर उत्सवमय हो उठा। ढोलक और हरमोनियम की मधुर धुनों पर अधिवक्ता झूमते नजर आए और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
सुबह से ही अधिवक्ताओं ने होली उत्सव की शुरुआत कर दी थी। तहसील परिसर में रंगों की छटा बिखर गई और हर तरफ हंसी-खुशी का माहौल देखने को मिला। अपने कार्य से पहुंचे फरियादी भी इस सांस्कृतिक आयोजन में शामिल हो गए और सभी ने मिलकर प्रेम व सौहार्द का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं को ठंडाई और मिठाइयां परोसी गईं। एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई देने का सिलसिला देर तक चलता रहा। अधिवक्ताओं ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है, जो मन के सभी मतभेदों को मिटाकर रिश्तों में मिठास घोलता है।
अधिवक्ताओं ने इसे पारंपरिक संस्कृति को जीवित रखने वाला आयोजन बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में प्रेम और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। ढोलक-हरमोनियम की धुनों पर देर तक फगुआ गीत गाए जाते रहे और पूरा तहसील परिसर रंगों, संगीत और उल्लास से सराबोर हो गया।









