दुद्धी/सोनभद्र। तहसील दुद्धी में बुधवार दोपहर अपर आयुक्त के दौरे के दौरान सिविल बार एसोसिएशन सहित अधिवक्ताओं ने विभिन्न राजस्व एवं न्यायिक समस्याओं को लेकर 6 सूत्री मांगपत्र सौंपा। निरीक्षण के बाद अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को विस्तार से रखते हुए त्वरित निस्तारण की मांग की।
अपर आयुक्त ने तहसील परिसर पहुंचकर न्यायालयों, नजारत तथा अभिलेखों के रखरखाव की गंभीरता से जांच की और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कई मामलों में सुधार के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के उपरांत दुद्धी बार संघ के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला और तहसील से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर ध्यान आकृष्ट कराया।
अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में बताया कि क्षेत्र की अधिकांश अराजियां “मिनजुमला कांटा” श्रेणी में दर्ज हैं, जिससे सीमांकन और फाट (पाठ) की कार्रवाई में भारी दिक्कतें आती हैं। राजस्व संहिता में सीमांकन और संबंधित कार्यवाहियों की समयसीमा निर्धारित होने के बावजूद उसका पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे वादकारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि धारा 116 के तहत पारित आदेशों का अमलदरामद कंप्यूटरीकृत खतौनी पर नहीं हो रहा है। मिनजुमला कागजात के मामलों में फाट की कार्यवाही के लिए वादकारियों को जिला मुख्यालय जाना पड़ता है, जो लंबी दूरी के कारण संभव नहीं हो पाता। अधिवक्ताओं ने मांग की कि ऐसे प्रकरणों की सुनवाई के लिए अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी दुद्धी तहसील मुख्यालय पर आकर ही सुनवाई सुनिश्चित करें।
इसके अलावा असंक्रमणीय भूमिधरों की मियाद पूरी होने के बावजूद उन्हें संक्रमणीय भूमिधर घोषित न किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि दुद्धी आदिवासी बहुल क्षेत्र है और सर्वे के दौरान कई स्थानों पर वास्तविक काश्तकारों की भूमि किसी अन्य के नाम दर्ज कर दी गई, जिससे विवाद बढ़ रहे हैं। आरोप लगाया गया कि बाहरी क्षेत्र से आए कुछ अधिकारी बिना स्थानीय परिस्थिति समझे दबाव या पुलिस बल के सहारे कब्जा दिला देते हैं, जिससे गरीबों की जमीन छिनने का खतरा बढ़ जाता है।
अपर आयुक्त ने अधिवक्ताओं की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि सभी बिंदुओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा।













