चंदौली। जिले के दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार राकेश यादव के परिवार के समर्थन में चंदौली कचहरी के अधिवक्ताओं ने एक सराहनीय पहल की है। शनिवार को अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उनके आवास पर पहुंचा और दुख की इस घड़ी में परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। अधिवक्ता समाज ने पत्रकार के परिवार को ₹51,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की और भरोसा दिलाया कि आगे भी हर संभव सहयोग किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिवक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय राकेश यादव एक निष्पक्ष, ईमानदार और निर्भीक पत्रकार थे, जिन्होंने हमेशा सच्चाई को प्रमुखता दी। उन्होंने किसी भी खबर को पक्षपात से परे रहकर जनहित में प्रकाशित किया।
बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री जन्मेजय सिंह ने कहा कि चंदौली ने एक ऐसे पत्रकार को खोया है, जिसकी ईमानदारी और निडरता पत्रकारिता जगत में मिसाल थी। उन्होंने कहा कि
“राकेश यादव ने कभी दबाव या लालच में पत्रकारिता नहीं की। वे सच्चाई के सिपाही थे।”
उन्होंने आगे कहा कि यह बेहद आवश्यक है कि सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों पत्रकार के परिवार के साथ भेदभाव न करें। समाज को यह दिखना चाहिए कि सच्चाई के लिए कलम उठाने वालों के परिवार को भी समान सम्मान मिले। जन्मेजय सिंह ने कहा कि यदि समाज के प्रहरी की उपेक्षा की जाती है, तो जनता का भरोसा भी व्यवस्था से उठने लगेगा।
उन्होंने मीडिया संस्थानों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “जब पत्रकार जीवित रहता है तो उसके काम की प्रशंसा की जाती है, लेकिन जब वही पत्रकार संकट में पड़ता है तो मीडिया संस्थान चुप्पी साध लेते हैं। यह न केवल अमानवीय बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों के खिलाफ है।” उन्होंने मांग की कि ऐसे मीडिया हाउस पर सामाजिक जवाबदेही तय होनी चाहिए।
जन्मेजय सिंह ने यह भी कहा कि अब चंदौली में कोई भी पत्रकार अकेला नहीं रहेगा। अधिवक्ता समाज हर पत्रकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा, क्योंकि अधिवक्ता और पत्रकार दोनों समाज में न्याय की आवाज उठाने का कार्य करते हैं — एक अदालत में, दूसरा कलम के माध्यम से।
इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने दिवंगत पत्रकार की पुत्रियों के विवाह में भी सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि “अधिवक्ता परिवार, राकेश यादव के परिवार के साथ हर सुख-दुख में खड़ा रहेगा।”
प्रतिनिधिमंडल में जिला शासकीय अधिवक्ता शशि शंकर सिंह, पूर्व अध्यक्ष अनिल सिंह, महामंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह, पंकज सिंह, नवीन सिंह, राकेश रतन तिवारी, हिटलर सिंह, इमरान, मणि शंकर राय, सुजीत सिंह और जन्मेजय सिंह सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
इस पहल की जिले भर में प्रशंसा की जा रही है और लोगों ने अधिवक्ता समाज की इस संवेदनशीलता को पत्रकारिता जगत के लिए प्रेरणादायक बताया है।













