कोलकाता। विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में शुमार और फीफा वर्ल्ड कप विजेता लियोनल मेसी एक बार फिर भारत की सरज़मीं पर दिखाई दिए। करीब 14 साल के लंबे अंतराल के बाद मेसी का भारत आगमन हुआ है, जिसे लेकर देशभर के फुटबॉल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मेसी के साथ इस दौरे में उरुग्वे के दिग्गज स्ट्राइकर लुईस सुआरेज और अर्जेंटीना के मिडफील्ड स्टार रोड्रिगो डी पॉल भी भारत पहुंचे हैं।
तीनों अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देर रात लगभग 2:30 बजे कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उन्हें देखने और स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक मौजूद रहे। हाथों में पोस्टर, झंडे और मेसी की जर्सी लिए फैंस पूरी रात इंतजार करते नजर आए। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच खिलाड़ियों को होटल तक पहुंचाया गया।
भारत दौरे के पहले ही दिन कोलकाता में लियोनल मेसी के सम्मान में एक भव्य आयोजन किया गया, जहां उन्होंने अपनी 70 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। यह प्रतिमा फुटबॉल के प्रति कोलकाता के जुनून और मेसी के प्रति प्रशंसकों के सम्मान का प्रतीक मानी जा रही है। कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की मौजूदगी ने आयोजन को और भी खास बना दिया, जिससे खेल और सिनेमा जगत का अनोखा संगम देखने को मिला।
लियोनल मेसी संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यूनिसेफ के ब्रांड एम्बेसडर भी हैं। इसी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत वे ‘GOAT इंडिया टूर’ के अंतर्गत भारत आए हैं। इस यात्रा का उद्देश्य खेल के माध्यम से बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। इस दौरान मेसी और उनकी टीम विभिन्न शहरों में कार्यक्रमों और मुलाकातों में हिस्सा लेंगे।
मेसी का यह भारत दौरा 15 दिसंबर तक प्रस्तावित है। इस दौरान वे कोलकाता के अलावा हैदराबाद, मुंबई और नई दिल्ली का भी दौरा करेंगे। कोलकाता प्रवास के समय उनकी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली से मुलाकात होने की संभावना है। वहीं मुंबई में उनकी मुलाकात क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर से तय मानी जा रही है।
इस दौरे का समापन 15 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के साथ होगा। लियोनल मेसी की यह यात्रा भारतीय खेल इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में देखी जा रही है। खासकर फुटबॉल प्रेमी इसे भारत में फुटबॉल संस्कृति को नई ऊंचाई देने वाला पल मान रहे हैं, जहां एक वैश्विक आइकन की मौजूदगी ने देशभर में खेल के प्रति जोश और जुनून को और बढ़ा दिया है।













