म्योरपुर, सोनभद्र। दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से आठ बार विधायक रहे और आदिवासी समाज की सशक्त आवाज माने जाने वाले विजय सिंह गोंड के निधन पर ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (एआईपीएफ) ने गहरा शोक व्यक्त किया है। संगठन ने इसे न केवल दुद्धी बल्कि पूरे आदिवासी समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे विजय सिंह गोंड का जीवन संघर्ष, सादगी और सिद्धांतों का प्रतीक रहा। उन्होंने गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित होकर अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की और आदिवासियों के हक़ और पहचान के लिए लगातार संघर्ष किया। दुद्धी क्षेत्र में आदिवासी मुद्दों को विधानसभा से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाने वाले नेताओं में उनका नाम प्रमुख रहा।
वह उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री भी रहे और अपने कार्यकाल के दौरान आदिवासी अधिकारों से जुड़े कई सवालों को मजबूती से सामने रखा। दुद्धी और ओबरा विधानसभा सीटों को आदिवासियों के लिए आरक्षित कराने का आंदोलन भी उन्होंने ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के साथ मिलकर चलाया, जिसमें सफलता मिली और आदिवासी समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व की नई ताकत मिली।
एआईपीएफ ने अपने शोक संदेश में कहा कि मौजूदा समय में जब आदिवासी अधिकारों और उनकी पहचान पर लगातार हमले हो रहे हैं, ऐसे दौर में विजय सिंह गोंड जैसे अनुभवी और संघर्षशील नेता का जाना समाज के लिए बड़ा आघात है। संगठन ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।









