लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक” (पीडीए) का फॉर्मूला ही देश में सामाजिक न्याय की असली गारंटी है। उन्होंने कहा कि पीडीए की एकजुटता से ही हर वर्ग के अधिकारों और सम्मान की रक्षा संभव है।
शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए के लोगों के साथ मिलकर सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए लगातार काम कर रही है। आने वाले समय में पीडीए की सरकार बनेगी तो वह केवल सामाजिक न्याय की बात ही नहीं करेगी, बल्कि सामाजिक न्याय के शासन को स्थापित करने का कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा का उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान दिलाना है। इसके लिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज की एकता बेहद जरूरी है।
इस दौरान अखिलेश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने को लेकर भी भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि राजनीति को समझने वाले लोग पहले से जानते थे कि भाजपा क्या कदम उठाएगी। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि वे चाहते थे कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद से सेवानिवृत्त हों, लेकिन अब वे राज्यसभा सदस्य के रूप में सेवानिवृत्त होंगे।
अखिलेश यादव ने पीडीए समर्थकों और मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि उनके वोट किसी भी स्थिति में बंटने नहीं चाहिए। उन्होंने नारा दिया—“एक भी वोट विभाजित न हो, एक भी वोट कम न हो।”
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूचियों में छूटे हुए नामों का दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे लोगों को सरकारी योजनाओं, नौकरियों, राशन कार्ड और अन्य अधिकारों से वंचित किया जा सकता है। इसलिए मतदाताओं को अपने वोटर आईडी को नागरिक पहचान पत्र की तरह संभालकर रखना चाहिए और मतदान के समय पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।













