बस्ती। विकासखण्ड बहादुरपुर की ग्राम पंचायत करहली खुर्द में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान मंजू देवी सचिव, जेई और मनरेगा एपीओ के साथ मिलकर कमीशन के लालच में सरकारी धन के दुरुपयोग की तैयारी कर रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत चुनाव नजदीक आते ही मनरेगा कार्यों के नाम पर फर्जी भुगतान और कागजी काम तेज कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पहले भी कई बार विकास कार्यों के नाम पर भुगतान कराया जा चुका है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही रही। इस बार भी फर्जी फोटो के सहारे महिला मेट करमैता देवी द्वारा मस्टर रोल पूर्ण किए जाने का आरोप लगाया गया है।
ग्राम पंचायत करहली खुर्द में चल रहे मिट्टी कार्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार खेतों के दोनों ओर गेहूं की फसल खड़ी है, ऐसे में बिना दोनों तरफ खुदाई के मिट्टी कार्य कराए जाने पर संदेह जताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि मानकों की अनदेखी कर मनरेगा के तहत कार्य दिखाया जा रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है।
आरोप यह भी है कि पंचायत स्तर के साथ-साथ संबंधित विभागीय अधिकारी भी इस पूरे प्रकरण में लापरवाही बरत रहे हैं। इससे प्रदेश सरकार की योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और गांव के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि कार्यों की सही तरीके से जांच हो जाए तो बड़े घोटाले का खुलासा हो सकता है।
इस मामले में खण्ड विकास अधिकारी बहादुरपुर ने जांच कराए जाने का आश्वासन दिया है। साथ ही, कथित फर्जी मस्टर रोल को शून्य करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाती है।









