वाराणसी। शहर में तेजी से फैल रही अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहे निर्माण कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने कमर कस ली है। इसी क्रम में सोमवार को प्राधिकरण मुख्यालय में फील्ड स्तर पर तैनात अधिकारियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने की।
इस कार्यक्रम में सभी जोनल अधिकारी, अवर अभियंता और सुपरवाइजर शामिल हुए। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि वाराणसी का भौगोलिक विस्तार तेजी से हो रहा है, जिसके चलते अवैध कॉलोनियों और बिना स्वीकृति के निर्माण कार्यों की संख्या भी बढ़ी है। ऐसी स्थिति में फील्ड स्टाफ की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों को तकनीकी, कानूनी और प्रक्रियात्मक जानकारी से पूरी तरह सशक्त होना जरूरी है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों को अवैध प्लाटिंग की पहचान, बिना नक्शा स्वीकृति के निर्माण की जांच, नोटिस जारी करने की प्रक्रिया और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई के कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किस तरह समय रहते कार्रवाई कर अवैध निर्माण को बढ़ने से रोका जा सकता है।
वीडीए ने आम जनता को जागरूक करने की दिशा में भी कदम उठाने का निर्णय लिया है। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि सोमवार से एक विशेष जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत शहर के विभिन्न इलाकों में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को अवैध प्लाटिंग में निवेश के जोखिम और वैध निर्माण के महत्व के बारे में बताया जाएगा।
वीडीए अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान के संयुक्त प्रयास से न केवल अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा, बल्कि शहर के सुनियोजित और सुरक्षित विकास को भी गति मिलेगी। प्राधिकरण ने साफ संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









