, चंदौली। रामगढ़ स्थित अघोरपीठ, जन्मस्थली और तपोस्थली बाबा कीनाराम मठ में शुक्रवार को संत शिरोमणि अघोराचार्य बाबा कीनाराम की छठ्ठी बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु मठ परिसर में जुटे और बाबा कीनाराम की समाधि स्थल पर जलाभिषेक, श्रृंगार, आरती और हवन-पूजन किया गया।
सुबह से गूंजा मठ परिसर
प्रातः कालीन आरती के बाद सुबह 8 बजे से हवन-पूजन और अखंड धूनी का आयोजन हुआ। बाबा कीनाराम की समाधि पर विशेष पूजन-अर्चन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
पीठाधीश्वर के आशीर्वचन
कार्यक्रम पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर लोकनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक धनंजय सिंह ने कहा –
“अघोराचार्य बाबा कीनाराम सामाजिक समरसता के मूर्त रूप थे। उन्होंने ऊंच-नीच, अस्पृश्यता और जमींदारी प्रथा का विरोध कर समाज को समरसता और समानता का मार्ग दिखाया। बाबा शिव के अवतार थे, जिन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर कर नई दिशा और ऊर्जा दी।”
सामाजिक संदेश
समारोह में यह संदेश दिया गया कि बाबा कीनाराम का जीवन दर्शन आज भी समाज को अंधविश्वास, भेदभाव और कुरीतियों से मुक्ति दिलाने का मार्ग प्रशस्त करता है। श्रद्धालुओं ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
शामिल श्रद्धालु
इस अवसर पर अभय कुमार पीके, समित सिंह, सुधिद्र पांडेय, प्रभुनाथ पांडेय, दिनेश सोनकर, मुलायम यादव, अशोक कुशवाहा, मुकेश साहनी, पुरोहित देवदत्त पांडेय, भग्गु पांडेय, अमृत प्रकाश पांडेय, किशन चौरसिया, कपिल पांडेय, श्याम नंदन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विशेष संवाददाता- गनपत राय













