वाराणसी। पिंडरा तहसील अंतर्गत प्रधानमंत्री की अतिमहत्वपूर्ण योजना बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तारीकरण में मुआवजा भुगतान को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। किसानों का आरोप है कि रजिस्ट्री पूरी होने के बावजूद लेखपाल और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के चलते मुआवजे का भुगतान जानबूझकर लटकाया जा रहा है।
इसी क्रम में रघुनाथपुर निवासी राम जियावन मिश्र सहित अन्य किसानों की भूमि की रजिस्ट्री 7 जनवरी को पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक मुआवजे की राशि उनके खाते में नहीं पहुंची है। पीड़ित परिवार का कहना है कि संबंधित लेखपाल कपिलेश तिवारी लगातार हीलाहवाली कर रहे हैं और बार-बार चक्कर लगवाए जा रहे हैं, जिससे किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
किसानों का आरोप है कि मुआवजा भुगतान के नाम पर कमीशन का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि एक ओर सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की बात करती है, वहीं दूसरी ओर तहसील स्तर पर खुलेआम नियमों की अनदेखी हो रही है। समय पर मुआवजा न मिलने से प्रभावित परिवार आर्थिक संकट और मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं।
मामले ने अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मुआवजा भुगतान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। बहरहाल, पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदारों की भूमिका उजागर करने के लिए अचूक रणनीति समाचार इस मामले पर नजर बनाए हुए है।









