जौनपुर। महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की बेटी और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव केराकत तहसील के भैसा गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हर आंख नम है और घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब 8:45 बजे मुंबई से बारामती जा रहा एक चार्टर्ड लियरजेट 45 विमान (रजिस्ट्रेशन VT-SSK) बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान लैंडिंग की दूसरी कोशिश कर रहा था, इसी दौरान रनवे से फिसलकर नियंत्रण खो बैठा और देखते ही देखते आग के गोले में तब्दील हो गया। आग इतनी भयावह थी कि बचाव दल के पहुंचने से पहले ही विमान में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजीत पवार सहित विमान में सवार कुल पांच लोगों के निधन की सूचना है। मृतकों में अजीत पवार, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव, पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर, को-पायलट शंभवी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल हैं। यह विमान वीएसआर वेंचर्स द्वारा संचालित किया जा रहा था और बताया गया है कि अजीत पवार जिला परिषद चुनाव के प्रचार के लिए बारामती जा रहे थे।
पिंकी माली जौनपुर जिले के केराकत क्षेत्र स्थित भैसा गांव की मूल निवासी थीं। उनके पिता शिवकुमार माली परिवार सहित लंबे समय से मुंबई में रह रहे हैं। पिंकी ने कड़ी मेहनत और लगन से एविएशन क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई थी और कई वीआईपी फ्लाइट्स में बतौर फ्लाइट अटेंडेंट अपनी सेवाएं दे चुकी थीं। परिवारजनों के अनुसार, हादसे से एक दिन पहले ही पिंकी ने अपने पिता से फोन पर बात की थी और बारामती जाने की जानकारी दी थी।
पिंकी की शादी पिछले वर्ष ही हुई थी और परिवार नई खुशियों के सपने संजो रहा था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ पलभर में छीन लिया। भैसा गांव में उनके घर पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। परिजन और ग्रामीण पिंकी को एक संघर्षशील, होनहार और सपनों से भरी बेटी के रूप में याद कर रहे हैं।
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई राजनीतिक नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किए जाने की बात सामने आई है। डीजीसीए और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर खराब दृश्यता, कोहरा और तकनीकी खामी को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है।
यह हादसा न सिर्फ महाराष्ट्र की राजनीति के लिए, बल्कि पिंकी माली जैसी मेहनती और सपनों से भरी युवती के असमय चले जाने से समाज के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। भैसा गांव से लेकर मुंबई तक शोक का माहौल है।













