शामली। पश्चिमी यूपी को वर्षों से दहशत में रखने वाले बावरिया गैंग के कुख्यात नेता मिथुन का आखिरकार अंत हो गया। झिंझाना थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात हुई जोरदार मुठभेड़ में यूपी-हरियाणा-पंजाब सहित कई राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना यह दुर्दांत अपराधी ढेर हो गया। करीब 40 वर्षीय मिथुन पर कुल सवा लाख रुपये का इनाम रखा गया था, जिसमें सिर्फ शामली पुलिस ने ही एक लाख रुपये की घोषणा की थी। उसके खिलाफ हत्या, डकैती, लूट और अवैध हथियारों की तस्करी के 19 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे—कुछ रिकॉर्ड के अनुसार यह संख्या 25 से भी ऊपर थी।
जंगल की झोपड़ी में छिपकर बड़ी वारदात की तैयारी
सूत्रों के अनुसार पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि बावरिया गैंग के सदस्य बिडोली जंगल के पास वेदखेड़ी-मंसूरपुर मार्ग पर एक खेत की झोपड़ी में मौजूद हैं और किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही झिंझाना थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना के नेतृत्व में एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
झोपड़ी में उस समय मिथुन और उसका साथी शराब पी रहे थे। पुलिस को देखते ही दोनों ने बिना चेतावनी दिए कार्बाइन और पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग शुरू हुई। पूरा इलाका गोलियों की आवाज से गूंजता रहा। मुठभेड़ लगभग आधे घंटे तक चली, जिसमें मिथुन को गोली लगी और वह वहीं ढेर हो गया। उसका साथी राहुल अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
एक जवान घायल, थानेदार की जान बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई
मुठभेड़ के दौरान एसओजी के हेड कांस्टेबल हरविंदर सिंह को गोली लग गई, जिन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली धंसी, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस ने क्षेत्र को घेरकर रातभर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया।
अवैध हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
मौके से पुलिस ने इटली निर्मित बरेटा पिस्टल, एक कार्बाइन, बड़ी संख्या में कारतूस और कई सामान बरामद किए। शुरुआती जांच में पता चला है कि मिथुन वर्षों से फर्जी पहचान और आधार कार्ड बनवाकर देश के कई राज्यों में अपराध करता रहा था।
मिथुन मूल रूप से शामली के अलाउद्दीनपुर गांव का निवासी था। उसके पिता खेती करते हैं, लेकिन मिथुन कम उम्र से ही अपराध की दुनिया में घुस गया था। पहले छोटी-मोटी मारपीट से शुरुआत की और फिर धीरे-धीरे लूट, चेन स्नैचिंग और फिर डकैती तक पहुंच गया। हाल ही में कंधला इलाके में एक महिला से चेन लूटने का मामला भी उसके खिलाफ दर्ज हुआ था।
गैंग को बड़ा झटका — पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति का असर
शामली के एसएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार मिथुन बेहद खतरनाक और पेशेवर अपराधी था। उसके गैंग ने पश्चिमी यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक एक नेटवर्क तैयार कर रखा था। एसएसपी और एएसपी सुमित शुक्ला ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया और फरार बदमाश राहुल की तलाश में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए।
ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले कुछ महीनों में शामली पुलिस ने बावरिया गैंग के दो और इनामी बदमाशों को भी मुठभेड़ में समाप्त किया है। लगातार कार्रवाई यह दिखाती है कि अपराधियों के प्रति यूपी पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति पूरी सख्ती से लागू है।
इलाके में तनाव की आशंका को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और जांच जारी है। फरार बदमाश की गिरफ्तारी पुलिस के लिए अगली बड़ी चुनौती बनी हुई है।













