सोनभद्र। नेशनल हेराल्ड मामले में 16 दिसंबर को आए अदालत के फैसले का भारतीय युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष शशांक मिश्रा ने स्वागत किया है। उन्होंने इस फैसले को भाजपा की वर्षों से चली आ रही राजनीतिक बदले की नीति की पराजय बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया।
बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए शशांक मिश्रा ने कहा कि नेशनल हेराल्ड प्रकरण शुरू से ही राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित रहा है। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड सिर्फ एक अखबार नहीं, बल्कि देश की आज़ादी की लड़ाई में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उठी मजबूत आवाज रहा है, जिसकी स्थापना वर्ष 1938 में स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा की गई थी। ऐसे ऐतिहासिक संस्थान को बदनाम करने की कोशिश करना लोकतंत्र और इतिहास दोनों के साथ अन्याय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस नेताओं, खासकर गांधी परिवार को निशाना बनाने के लिए CBI और ED जैसी संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया। शशांक मिश्रा ने कहा कि बीते कई वर्षों से केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से विपक्ष को डराने और दबाने की राजनीति की जा रही है, लेकिन अदालत के फैसले ने यह साफ कर दिया है कि लगाए गए आरोप बेबुनियाद थे।
शशांक मिश्रा ने कहा कि अदालत द्वारा ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह पूरा मामला झूठे आरोपों और सियासी साजिश पर आधारित था। उन्होंने इसे मोदी सरकार की बदले की राजनीति का पर्दाफाश बताते हुए कहा कि 12 वर्षों से गांधी परिवार को बदनाम करने की जो कोशिशें की जा रही थीं, उस पर अब सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने पूछा कि इतने लंबे समय तक चली इस राजनीति के लिए जिम्मेदार लोग जनता से माफी कब मांगेंगे।









