आज की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों में सुरक्षा अलर्ट से लेकर राजनीति, कूटनीति, योजनाओं और दुर्घटनाओं तक कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। नीचे दिनभर की प्रमुख खबरों का विस्तृत संकलन प्रस्तुत है।
दिल्ली हाई सिक्योरिटी अलर्ट, ऐतिहासिक स्थलों पर सतर्कता बढ़ी
राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के बाद हाई अलर्ट जारी किया गया है। खुफिया सूत्रों के अनुसार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा पुरानी दिल्ली के भीड़भाड़ वाले और धार्मिक महत्व के स्थानों को निशाना बनाने की साजिश की आशंका जताई गई है। इस अलर्ट के बाद लाल किला, चांदनी चौक और आसपास के मंदिरों व बाजारों में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। बम निरोधक दस्ते और सीसीटीवी निगरानी को भी सख्त किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां संभावित IED हमले की आशंका को देखते हुए विशेष चौकसी बरत रही हैं।
RSS मानहानि मामले में कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi 2014 से जुड़े एक पुराने मानहानि मामले में भिवंडी की अदालत में पेश हुए। यह मामला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े एक कार्यकर्ता द्वारा दायर किया गया था। इस दौरान उनके पुराने जमानती के निधन के कारण नए जमानती प्रस्तुत किए गए। अदालत ने प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगली सुनवाई की तारीख तय की। मामला वर्षों पुराना होने के बावजूद अभी भी न्यायिक प्रक्रिया में है।
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त पर बड़ा अपडेट
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त को लेकर किसानों में उत्सुकता बढ़ गई है। पिछले वर्षों के पैटर्न को देखें तो फरवरी के अंतिम सप्ताह में 2000 रुपये की किस्त जारी होने की संभावना जताई जा रही है। 2023 में 13वीं किस्त 27 फरवरी को, 2024 में 16वीं किस्त 28 फरवरी को और 2025 में 19वीं किस्त 24 फरवरी को जारी हुई थी। इसी आधार पर 2026 में भी फरवरी अंत तक राशि किसानों के खातों में आने की उम्मीद है।
बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज
बिहार की सियासत में बयान युद्ध छिड़ गया है। गायक से नेता बनी Maithili Thakur की टिप्पणी पर नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेजस्वी यादव ने बिना नाम लिए सोशल मीडिया पर तीखा बयान देते हुए राजनीतिक निहितार्थों पर सवाल उठाए। माना जा रहा है कि आने वाले चुनावों से पहले यह बयानबाजी और तेज हो सकती है।
असम में CRPF रेजिंग डे परेड, अमित शाह मुख्य अतिथि
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah गुवाहाटी में आयोजित होने वाली CRPF रेजिंग डे परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह पहली बार है जब यह प्रतिष्ठित परेड पूर्वोत्तर भारत में आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की विभिन्न टुकड़ियां अपनी ताकत, अनुशासन और पराक्रम का प्रदर्शन करेंगी। इस आयोजन को पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा सुदृढ़ीकरण के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र निर्माण पर मोहन भागवत का बड़ा बयान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने मेरठ में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल किसी एक संगठन का नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने संघ के 100 वर्ष के सफर का जिक्र करते हुए सामाजिक एकता, राष्ट्र चेतना और सक्रिय नागरिक भागीदारी पर जोर दिया।
दिल्ली हिट एंड रन: डिलीवरी बॉय की दर्दनाक मौत
पश्चिमी दिल्ली के सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन के पास तेज रफ्तार कार ने एक डिलीवरी बॉय की इलेक्ट्रिक स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 25 वर्षीय युवक के रूप में हुई, जो एक ई-कॉमर्स कंपनी में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव था। पुलिस ने मामला दर्ज कर वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है।
ईरान से जुड़ी रिपोर्ट ने मचाया वैश्विक हड़कंप
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के सामने ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei और उनके बेटे के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई थी। हालांकि इस रिपोर्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे वैश्विक कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे खुलासे मध्य पूर्व की राजनीति को और संवेदनशील बना सकते हैं।
ट्रंप-शहबाज मुलाकात की चर्चा
खबरों के मुताबिक एक अंतरराष्ट्रीय बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से बातचीत में भारत के प्रधानमंत्री की खुलकर तारीफ की। बताया जा रहा है कि बैठक में ट्रंप के बयान के दौरान शहबाज शरीफ खड़े होकर सुनते रहे। इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
भारत की सड़कों पर विदेशी सेनाओं के मार्च की चर्चा
सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हुआ जिसमें कहा गया कि रूस, ईरान और बांग्लादेश की सेनाएं भारत में संयुक्त मार्च कर रही हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के दावे अक्सर सैन्य अभ्यास या कूटनीतिक गतिविधियों की गलत व्याख्या के कारण भी फैलते हैं, इसलिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।













