चंदौली। नियामताबाद ब्लॉक के कम्हरिया गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क हालिया बाढ़ में पूरी तरह बह गई है। यह सड़क कम्हरिया रेगुलेटर ड्रेन के पास स्थित पिंच रोड के नाम से जानी जाती है और आसपास के कई गांवों — रोहणा, नरैना, घूरो, कठौरी, देवई, नियामताबाद और मुगलसराय — के लोगों के लिए जीवनरेखा मानी जाती थी। अब इसके टूट जाने से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
सड़क टूटने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे कई दिनों से घरों में ही हैं। वहीं रोज़ाना मजदूरी करने वाले लोगों की आजीविका पर भी गहरा असर पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क कटने से वाहन आवागमन पूरी तरह ठप है, जिसके चलते बीमारों को अस्पताल ले जाना तक मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से छठ पर्व के दौरान महिलाएं पूजा के लिए आवागमन करती हैं, लेकिन अब सड़क के बह जाने से त्योहार पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कई बार शिकायत और सूचना देने के बावजूद अब तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, न ही अस्थायी पुल या वैकल्पिक मार्ग की कोई व्यवस्था की गई है।
लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल राहत कार्य शुरू करे और सड़क मरम्मत या अस्थायी पुल निर्माण की दिशा में कदम उठाए, ताकि ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। फिलहाल, सड़क टूटने से गांव का संपर्क नेशनल हाईवे-19 से कट गया है और लोगों को हर दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।









